दुनिया में रंगभेद मौजूदा समय में एक बड़ी लड़ाई बन चुका है। कुछ दिनों पहले ही अमेरिका में अश्वेत व्यक्ति की मौत के बाद ब्लैक लाइव मैटर के नाम से हैशटैग खूब वायरल हुआ था लेकिन अब दुनिया के प्रतिष्ठित बार्बी डॉल जातिवाद और रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाती नजर आई है।
हालांकि इससे पहले बार्बी की यूरोपिय सुंदरता और विविधता की कमी होने की वजह से काफी आलोचना होती थी लेकिन हाल ही में बार्बी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो साझा किया है, जिसमें रंगभेद, जातिवाद और जेंडर इक्वालिटी को लेकर बार्बी ने अपने विचार रखे हैं।
बार्बी डॉल निर्माता कंपनी मेटल ने बताया कि बार्बी ड्रीम गैप प्रोजेक्ट के तहत जेंडर इक्वालिटी और जातिवाद के खिलाफ आवाज उठाई गई है। इस एक मिनट की वीडियो ने सोशल मीडिया पर सनसनी फैला दी है। इसे अब तक लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं और कई सोशल मीडिया यूजर्स इसकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।
इस एक मिनट की वीडियो में बार्बी और उसकी दोस्त निकी (ब्लैक डॉल) जातिवाद और रंगभेद पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में निक्की बताती हैं कि कैसे वो हर समय रंग भेद का सामना करती हैं। निक्की और बार्बी में एक स्टिकर बेचने का कॉन्ट्रैक्ट हुआ, जिसके बाद दोनों स्टिकर को लेकर बीच पर पहुंचे।
वीडियो में निक्की बताती हैं कि जब निक्की बीच (तट) पर पहुंची तो सिक्योरिटी ने ब्लैक गर्ल होने के चलते निक्की को तीन बार रोका। सिक्योरिटी को लगा कि निक्की कुछ गलत कर सकती हैं। जबकि उसी अधिकारी ने बार्बी को बीच के अंदर जाने दिया लेकिन निक्की पर भरोसा नहीं किया।
निक्की बताती हैं कि ऐसे सभी पीओसी (पीपल ऑफ कलर) अनुभव से उन सभी को सामना करना पड़ता है, जो लोग गोरे नहीं है। इस वीडियो में बार्बी में शांति से निक्की की बातें सुन रही हैं और वह जानती हैं कि उसे गोरे होने का क्रेडिट मिलता है, विशेष अधिकार मिलता है।
इस वीडियो के बाद लोग मानने लगे हैं कि बार्बी डॉल अब सिर्फ बच्चियों या लड़कियों के लिए मेकअप और खूबसूरती का चिह्न नहीं है बल्कि लोगों के बीच जागरुकता फैलाने का काम भी कर रही है।