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Bangladesh: सरकारी नौकरियों में आरक्षण के मुद्दे पर हिंसक हुआ प्रदर्शन, छह की मौत; बंद करने पड़े स्कूल-कॉलेज

Wed, 17 Jul 2024 01:04 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

Bangladesh: बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों का प्रदर्शन मंगलवार को हिंसक हो गया। इसमें तीन छात्रों सहित छह की मौत हो गई। 
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बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों आरक्षण को लेकर प्रदर्शन - फोटो : एएनआई/रॉयटर्स
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विस्तार
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बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच मंगलवार को झड़प हुई। इसमें तीन छात्रों सहित छह लोगों की मौत हो गई। जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। 

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आज सुबह ढाका, चटगांव और रंगपुर में चार मौतें हुईं। बाद में पुलिस और प्रमुख समाचार समूहों ने  ढाका और चटगांव में दो और लोगों की मौत की सूचना दी। खबरों के मुताबिक, आरक्षण प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर बांग्लादेश के प्रमुख शहरों में सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। मंगलवार को इन प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया। मृतको में कम से कम तीन छात्र शामिल हैं। जबकि करीब 400 अन्य घायल हुए।  

देशभर के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के परिसरों में रातभर हिंसा भड़कने के बाद अधिकारियों ने मंगलवार को चार प्रमुख शहरों में अर्द्धसैनिक बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के जवानों को बुला लिया। सरकार ने बढ़ती हिंसा के बीच स्कूलों और कॉलेजों को अगले आदेश तक बंद रखने का आदेश दिया है। देश के शिक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के दायरे में आने वाले सभी स्कूल, कॉलेज, मदरसे और पॉलिटेक्निक संस्थान छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए अगले आदेश तक बंद रहेंगे। 
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हिंसा ने आमतौर भीड़भाड़ वाली राजधानी को लगभग खाली कर दिया। शहर में अज्ञात लोगों ने दो बसों को आग लगाई गई, जब कई हिस्सों छिटपुट हिंसक झड़पें हुईं। जिससे सड़कों पर जाम लग गया और हजारों लोग सड़कों और अपने कार्यस्थलों पर फंस गए। 

सोमवार को झड़पें तब शुरू हुईं, जब सत्तारूढ़ अवामी लीग की छात्र शाखा के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शनकारियों से आमना-सामना हुआ। प्रदर्शनकारियों इस बात पर जोर दे रहे थे कि मौजूदा आरक्षण प्रणाली सरकारी सेवाओं में मेधावी छात्रों के नामांकन पर रोक लगा रही है। उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी की छात्र शाखा बांग्लादेश छात्र लीग पर पुलिस की मदद से उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हमला करने का आरोप लगाया। 

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