फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bangladesh Unrest: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं थम रही हिंसा, 18 दिनों में 6 हिंदुओं की हत्या

Tue, 06 Jan 2026 09:24 AM IST
देवेश त्रिपाठी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

Bangladesh Violence Update: बांग्लादेश में हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जाता रहा है। पड़ोसी देश में छिटपुट घटनाएं भी ईशनिंदा का आरोप लगाकर भीड़ द्वारा हिंदुओं की नृशंस हत्या में बदल जाती हैं। दिपू चंद्र दास की हत्या इसका सबसे सटीक उदाहरण कहा जा सकता है। दिपु दास को भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में जिंदा जला दिया था।
विज्ञापन
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा जारी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उस्मान हादी की हत्या के बाद भड़की हिंसा में 18 दिनों में 6 हिंदुओं की हत्या हो चुकी है। इनमें से दो हत्याएं बीते 24 घंटे में अंजाम दी गई हैं। हैरान करने वाली बात है कि इन हत्याओं के बावजूद बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार के कान पर जूं नहीं रेंग रही है।
विज्ञापन


बांग्लादेश के नरसिंगदी में सोमवार को एक किराने की दुकान के मालिक शरत चक्रवर्ती मणि की बेरहमी से हत्या कर दी गई। वहीं सोमवार के ही दिन जशोर के मनीरामपुर में गोली मारने के बाद गला काट कर हिंदू पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की नृशंस हत्या को अंजाम दिया गया।

18 दिनों में 6 हिंदुओं की हत्या
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी ढाका के बाहरी इलाके नरसिंगदी में 40 वर्षीय हिंदू युवक शरत चक्रवर्ती मणि की चरमपंथियों ने धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शरत नरसिंगदी के चारसिंदूर बाजार में अपनी किराने की दुकान पर थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने अचानक उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
विज्ञापन




वे गंभीर रूप से घायल हो गए। जब स्थानीय लोग उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, तो रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक शरत चक्रवर्ती मणि पहले दक्षिण कोरिया में काम करते थे और कुछ साल पहले बांग्लादेश लौट आए थे।

ये भी पढ़ें: Bangladesh: बांग्लादेश में एक और हिंदू की गोली मारकर हत्या, तीन हफ्ते के भीतर पांचवीं वारदात

बांग्लादेश में खत्म हो जाएंगे हिंदू :सामाजिक कार्यकर्ता
बांग्लादेश के सामाजिक कार्यकर्ता बप्पादित्य बसु ने शरत की हत्या का कड़ा विरोध किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यही सिलसिला जारी रहा तो कुछ ही वर्षों में बांग्लादेश में हिंदुओं का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहम्मद यूनुस की सरकार हिंदुओं की हत्याओं का समर्थन कर रही है। उन्होंने दावा करते हुए कहा, 'घटना से दो दिन पहले चरमपंथियों ने शरत से बड़ी रकम की मांग की थी। चरमपंथियों ने इसे जजिया कहा था। चरमपंथियों ने धमकी दी थी कि अगर उन्होंने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज कराई, तो उनकी पत्नी का अपहरण कर लिया जाएगा।'



ये भी पढ़ें: Maduro Case Trial In US: वेनेजुएला के मादुरो दंपती का मुकदमा, अमेरिका में सुनवाई; पत्नी बोलीं- अगवा किया गया

'चुप हैं कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक की पार्टियां', बोले भाजपा नेता  
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन रामचंद्र राव ने कहा, 'बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। पिछले 18 दिनों में एक पत्रकार और एक किराना दुकानदार समेत करीब छह लोगों की हत्या कर दी गई है। बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाकर की जा रही इस हत्याओं की हम कड़ी निंदा करते हैं और पूरा देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ खड़ा है।'
विज्ञापन


उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्य से कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक की अन्य सभी पार्टियां इस मुद्दे पर चुप हैं। वे वेनेजुएला के बारे में तो ज्यादा बात कर रहे हैं, लेकिन हिंदुओं की दुर्दशा के बारे में कुछ नहीं बोल रहे हैं। मेरा मानना है कि पूरे देश को एकजुट होकर कूटनीतिक दबाव बनाना होगा। भारत सरकार ऐसा कर रही है।'

'असम में भी मौजूद हैं जिहादी', बोले हिमंत बिस्वा सरमा
बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, 'बांग्लादेश की स्थिति, विशेष रूप से वहां हिंदुओं के साथ जो हो रहा है, वह हमारे लिए चिंता का विषय है। हिंदू लोगों पर हमले दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं, जिससे स्थिति चिंताजनक हो गई है और इसका असर असम में भी महसूस किया जा सकता है। हमें सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। हमें स्थिति पर नजर रखनी होगी और बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को सहायता भी देनी होगी। असम में जिहादी मौजूद हैं और पिछले 10 वर्षों से हमें इसके लगातार सबूत मिलते रहे हैं। संभव है कि अभी भी कुछ छिपे हुए हों और स्लीपर सेल के रूप में काम कर रहे हों। इसलिए, ये सभी बातें चिंता का विषय हैं। असम की सुरक्षा हमेशा से चिंता का विषय रही है और जब तक पूरी भू-राजनीतिक स्थिति में सुधार नहीं होता, तब तक यह चिंता का विषय बनी रहेगी।'

हिंदू पत्रकार राणा बैरागी की गोली मारकर हत्या
बांग्लादेश के मनीरामपुर के जशोर में एक हिंदू पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की भी सोमवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई। 45 वर्षीय फैक्ट्री मालिक और एक अखबार के संपादक के तौर पर काम करने वाले बैरागी को हमलावरों ने कई बार सिर में गोली मारी। इसके बाद हमलावरों ने उनका गला रेत दिया।

मनीरामपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारी मोहम्मद रजीउल्लाह खान ने बताया कि हमला सोमवार की शाम को करीब 6 बजे हुई। राणा को सिर में तीन बार गोली मारी गई थीं और उनका गला रेत दिया गया था। हमलावरों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें