Bangladesh: बांग्लादेश में एक ऐतिहासिक राजनीतिक बदलाव के तहत बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान ने मंगलवार को प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही बीएनपी ने दो दशक बाद सत्ता में वापसी की, नए कैबिनेट में दो अल्पसंख्यक मंत्रियों ने भी शपथ ली है। जानें कौन हैं दोनों नेता...
बांग्लादेश में बीएनपी सुप्रीमो तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। उनके साथ 25 मंत्री और 24 राज्य मंत्रियों ने भी शपथ ली है। रहमान कैबिनेट में दो अल्पसंख्यक मंत्रियों ने भी शपथ ली है। इसमें निताई रॉय चौधरी और दीपेन दीवान चकमा शामिल हैं। हालांकि चर्चा गोयेश्वर रॉय को लेकर थी, जो बांग्लादेश की राजनीति में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं। खालिदा जिया सरकार में लगभग 30 साल पहले (1991-1996) वे राज्य मंत्री थे।
BNP के शीर्ष रणनीतिकार निताई रॉय चौधरी
जानकारी के अनुसार, 1949 में पैदा हुए निताई रॉय चौधरी एक बांग्लादेशी वकील, राजनीतिज्ञ, और पूर्व मंत्री हैं। निताई रॉय चौधरी, जो मगुरा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए हैं। पार्टी के शीर्ष रणनीतिकारों में से एक हैं और शीर्ष नेतृत्व के वरिष्ठ रणनीतिक सलाहकार माने जाते हैं। उन्होंने जमात-ए-इस्लामी के प्रत्याशी को सीधी टक्कर में मात दी। 12 फरवरी 2026 को हुए 13वें संसदीय चुनाव में उन्होंने मगुरा-2 संसदीय क्षेत्र से जीत हासिल की। निताई रॉय चौधरी को 1,47,896 वोट मिले हैं। उन्होंने जमात उम्मीदवार मुस्तर्शीद बिल्लाह को 30,838 वोटों के अंतर से हराया है।
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दीपेन दीवान चकमा - रहमान कैबिनेट के दूसरे अल्पसंख्यक मंत्री
दूसरे अल्पसंख्यक नेता दीपेन दीवान, बौद्ध बाहुल वाले चकमा एथनिक माइनॉरिटी ग्रुप से हैं। इन्होंने दक्षिण-पूर्व रंगमती जिले की एक सीट से जीत हासिल की। हालांकि उनकी धार्मिक पहचान साफ नहीं है। कई लोग उन्हें हिंदू बताते हैं। दीवान ने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी के तौर पर एक निर्दलीय उम्मीदवार को हराया।
तारिक रहमान ने मोहम्मद यूनुस को दिया तगड़ा झटका
नव निर्वाचित सांसदों ने मंगलवार को ढाका में नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में शपथ ली। इसके साथ ही बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस को तगड़ा झटका दिया और बीएनपी सांसदों ने कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल के मेंबर के तौर पर शपथ नहीं ली।