Bangladesh: बांग्लादेश ने एक बार फिर भारत से अपदस्थ प्रधाननंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की उम्मीद जताई है। मोहम्मद यूनुस सरकार में विदेश सलाहकार तौहीद हुसैन ने कहा कि हसीना के मामले से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
बांग्लादेश ने रविवार को कहा कि वह भारत से अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की उम्मीद करता है। लेकिन इस मुद्दे को नई दिल्ली के साथ द्विपक्षीय संबंधों में बाधा नहीं बनने देगा। ढाका में अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान यह बात कही।
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जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत हसीना को प्रत्यर्पित किए बिना बेहतर संबंधों की उम्मीद की जा सकती है तो हुसैन ने कहा, मुझे लगता है कि हमारे (द्विपक्षीय) संबंध केवल एक मुद्दे पर अटके नहीं रहेंगे। हालांकि हुसैन ने कहा कि चूंकि हसीना अब एक घोषित अपराधी हैं, बांग्लादेश उनके जल्द से जल्द भारत से प्रत्यर्पण की उम्मीद करता है।
हसीना के खिलाफ पिछले साल छात्रों के नेतृत्व में हिंसक प्रदर्शन हुआ था। जिस दौरान कई प्रदर्शनकारी मारे गए थे। कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पांच अगस्त 2024 को उनकी सरकार का पतन हो गया। इसके बाद हसीना ने भागकर भारत में शरण ली। इस साल 17 नवंबर को एक विशेष न्यायाधिकरण ने गैरहाजिर होने पर पूर्व प्रधानमंत्री को मृत्युंद की सजा सुनाई गई। इससे पहले बांग्लादेश की एक अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया था।
ढाका में मोहम्मद यूनुस नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत भारत के साथ संबंधों के बारे में एक अन्य सवाल के जवाब में हुसैन ने कहा, भारत को नई वास्तविकताओं के साथ तालमेलन होने के लिए कुछ समय चाहिए। हालांकि सलाहकार ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच बेहतर संबंध देखने को मिलेंगे।
उन्होंने कहा, हम भारत के साथ बेहतर संबंध रखना चाहेंगे, जो दोनों पक्षों के हितों पर आधारित हों। इससे पहले बुधवार को हुसैन ने कहा था कि भारत ने हसीना के प्रत्यर्पण के लिए पहले की गई मांग पर कोई जवाब नहीं दिया। लेकिन ढाका अब नई दिल्ली से जवाब की उम्मीद करता है क्योंकि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने और पूर्व प्रधानमंत्री के दोषी ठहराए जाने के बाद 'स्थिति अब अलग है।