फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bangladesh: 'बांग्लादेश में स्थितियां समान्य हो रहीं', मुख्य सलाहकार के सहयोगी बोले- निष्पक्ष चुनाव होंगे

Thu, 22 Aug 2024 01:55 AM IST
विशांत श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार के सहयोगी ने कहा है कि देश में परिस्थितियां सामान्य के करीब पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार की प्राथमिकता देश में कानून व्यवस्था को बहाल करना है।

विज्ञापन
बांग्लादेश में आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार के सहयोगी का कहना है कि देश में स्थितियां काफी हद तक सामान्य हो गई हैं। हालांकि अभी भी बहुत सी चुनौतियां हैं। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने जोर देते हुए कहा कि हिंसा प्रभावित देश में पूरी तरह से स्थिति सुधरने के बाद स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होंगे। 

विज्ञापन


मीडिया से बात करते हुए शफीकुल आलम ने कहा कि अंतरिम सरकार की प्राथमिकता देश में कानून व्यवस्था को बहाल करना है। उन्होंने कहा कि जल्द ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की नियुक्ति की जाएगी। 

अंतरिम सरकार ने ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के तहत सभी 50 पुलिस स्टेशनों के प्रमुखों का तबादला कर दिया गया है।

आलम से बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'आप ढाका या औद्योगिक क्षेत्र के बाहर ग्रामीण इलाकों या शहरों जैसे सभी स्थानों का दौरा करें, आप स्थिति को स्वयं देखें और निर्णय करें कि यह सामान्य है या नहीं।’
विज्ञापन


 उन्होंने आगे कहा कि हमें लगता है कि स्थिति सामान्य के करीब हैं हालांकि कुछ चुनौतियां भी हैं। प्रेस सचिव ने कहा कि बांग्लादेश में बड़े सुधार किए जाने के बाद स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होंगे।

बांग्लादेश में अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत
शेख हसीना सरकार के पतन के बाद देश भर में भड़की हिंसा की घटनाओं में बांग्लादेश में 230 से अधिक लोग मारे गए, जिससे सरकारी नौकरियों में विवादास्पद कोटा प्रणाली के खिलाफ जुलाई के मध्य में छात्रों की तरफ से शुरू किए गए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद से मरने वालों की संख्या 600 से अधिक हो गई।

हिंसा के बाद पर्यटन उद्योग को हुआ नुकसान
बांग्लादेश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद हुई हिंसा से देश के पर्यटन उद्योग को बड़ा नुकसान हुआ है। पिछले एक महीने से मेहमान न आने के चलते होटलों में कमरे खाली पड़े हैं। पर्यटन उद्योग से जुड़े कर्मचारियों का बुरा हाल है। 
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें