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Bangladesh: राष्ट्रपति चुनाव में BNP का बड़ा दांव, मिर्जा फखरुल उम्मीदवार; क्या 20 अगस्त को तय होगी नई तस्वीर?

Thu, 13 Aug 2026 05:01 PM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, ढाका

सार

बांग्लादेश की सत्तारूढ़ बीएनपी ने अपने महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। 20 अगस्त को होने वाले चुनाव में उनकी राह इसलिए मजबूत मानी जा रही है क्योंकि BNP के पास संसद में दो-तिहाई बहुमत है। क्या वह बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति बनेंगे? मुकाबले में कौन और है? आइए, विस्तार से जानते हैं...
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राष्ट्रपति चुनाव से पहले BNP का बड़ा फैसला - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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बांग्लादेश की सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने गुरुवार को अपने महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया। राष्ट्रपति चुनाव 20 अगस्त को होना है। नामांकन के बाद आलमगीर ने बीएनपी महासचिव और पार्टी की सर्वोच्च नीति-निर्धारण समिति से इस्तीफा दे दिया है। संसद में बीएनपी के पास दो-तिहाई बहुमत होने के कारण उनका राष्ट्रपति बनना मजबूत माना जा रहा है।

क्या मिर्जा फखरुल होंगे बांग्लादेश के अगले राष्ट्रपति?

बीएनपी ने अपने महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया है। पार्टी के वरिष्ठ संयुक्त महासचिव रुहुल कबीर रिजवी ने इसकी घोषणा की। यह फैसला प्रधानमंत्री और बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद लिया गया। राष्ट्रपति चुनाव 20 अगस्त को होगा। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक आलमगीर को गुरुवार शाम चार बजे तक अपना नामांकन पत्र दाखिल करना था।

क्या राष्ट्रपति पद की दौड़ में कोई और उम्मीदवार भी है?

बांग्लादेश की मुख्य विपक्षी जमात-ए-इस्लामी ने अपने गठबंधन सहयोगी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के अध्यक्ष कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद को उम्मीदवार बनाया है। ओली अहमद पहले ही चुनाव आयोग के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल कर चुके हैं।

मिर्जा फखरुल ने महासचिव पद से क्यों दिया इस्तीफा?

राष्ट्रपति पद के लिए नामित होने के बाद 78 वर्षीय मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बीएनपी के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी की सर्वोच्च नीति-निर्धारण स्थायी समिति से भी इस्तीफा दिया है। आलमगीर 2011 से BNP के कार्यवाहक महासचिव की भूमिका में थे और 2016 में उन्होंने औपचारिक रूप से महासचिव का पद संभाला था।

क्या संसद में BNP के बहुमत से आसान होगी आलमगीर की राह?

बांग्लादेश में राष्ट्रपति का चुनाव संसद के जरिए होता है। 12 फरवरी को हुए चुनाव में BNP सत्ता में आई और वर्तमान में उसके पास संसद में दो-तिहाई बहुमत है। ऐसे में मिर्जा फखरुल की उम्मीदवारी मजबूत स्थिति में है। अगर वह निर्वाचित होते हैं तो मिर्जा फखरुल आलमगीर बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति बनेंगे।

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पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 जुलाई को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल खत्म होने में करीब दो साल बाकी थे। संविधान के अनुसार राष्ट्रपति पद खाली होने के 90 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव होना जरूरी है। फिलहाल संसद अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद संवैधानिक प्रावधान के तहत कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

क्या बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद की भूमिका बदल सकती है?

बांग्लादेश की संसदीय व्यवस्था में राष्ट्रपति मुख्य रूप से औपचारिक राष्ट्राध्यक्ष होते हैं। हालांकि, संविधान के तहत प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति समेत उन्हें कुछ महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त हैं। सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर होने के बावजूद इन शक्तियों का इस्तेमाल आमतौर पर प्रधानमंत्री की सलाह पर किया जाता है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हाल में फिर से लागू की गई कार्यवाहक सरकार व्यवस्था के दौरान राष्ट्रपति की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है। BNP ने अपने चुनावी घोषणापत्र में संविधान संशोधन के जरिए राष्ट्रपति को अधिक अधिकार देने का भी वादा किया था।

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