सार
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, छह साल पहले रहमान आरोपी ठहराए गए थे, जिसके बाद से वे लंदन में हैं। उन पर पीएम की रैली में घातक ग्रेनेड हमले की साजिश रचने का आरोप है। मामले में अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस पर रहमान का कहना है कि आरोप मनगढ़ंत है।
खालिदा जिया और प्रधानमंत्री शेख हसीना (फाइल)
- फोटो : ani
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और विपक्षी नेता खालिदा जिया में बीच लंबे समय से संघर्ष है। इसी बीच, सोमवार को बांग्लादेशी पीएम ने जिया के बेटे तारिक रहमान को लंदन से वापस लाने और सजा को क्रियान्वयन करने के लिए अपनी सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराया। रहमान बांग्लादेशी नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। मां के जेल जाने के बाद से उन्होंने ही बीएनपी की बागडोर संभाली थी।
ग्रेनेड हमले की साजिश रचने का आरोप
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, छह साल पहले रहमान आरोपी ठहराए गए थे, जिसके बाद से वे लंदन में हैं। उन पर पीएम की रैली में घातक ग्रेनेड हमले की साजिश रचने का आरोप है। मामले में अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस पर रहमान का कहना है कि आरोप मनगढ़ंत है।
रहमान को वापस लाना हमारा एकमात्र लक्ष्य
सोमवार को पीएम ने कहा कि जो लोग आगजनी करेंगे और लोगों को जलाएंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। फिर चाहे वह कोई भी हो, हम उन्हें छोड़ेंगे नहीं। हमारी कार्रवाई ऐसे लोगों के खिलाफ जारी रहेगी। 10 ट्रक हथियार बरामदगी मामले में, ग्रेनेड हमले मामले में उन्हें जो सजा मिली है, उस पर हम अमल कराएंगे। हमारा एकमात्र लक्ष्य है रहमान को वापस लाना। उन्होंने कहा कि हमने ब्रिटिश सरकार के साथ चर्चा की है कि वे भगोड़े को वापस बांग्लादेश भेज दें।
उग्रवादियों के आतंक से मुक्त होंगे देशवासी
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि देश के लोग उग्रवादियों और आगजनी करने वालों को दोबारा सत्ता में नहीं देखना चाहते। रहमान को सजा मिलती है तो देश के नागरिक आगजनी और उग्रवादियों के आतंक से मुक्त हो जाएंगे। मेरा लक्ष्य है शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना। आर्थिक स्वतंत्रता और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ना।
जनवरी में पांचवी बार प्रधानमंत्री बनीं शेख हसीना
इस साल, जनवरी में शेख हसीना ने पांचवीं बार बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनकी पार्टी अवामी लीग ने मुख्य विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसके सहयोगियों के चुनाव के बहिष्कार के बीच सात जनवरी को हुए आम चुनाव में भारी जीत दर्ज की थी। प्रधानमंत्री के शपथ लेने के बाद राष्ट्रपति द्वारा मंत्रिमंडल के सदस्यों को शपथ दिलाई गई। पीएम हसीना की पार्टी ने 300 सदस्यीय संसद में 223 सीट पर जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल में 25 कैबिनेट मंत्रियों और 11 राज्य मंत्रियों को शामिल किया है। शेख हसीना के नए मंत्रिमंडल में 14 नए चेहरों को कैबिनेट मंत्री और सात को राज्य मंत्री के रूप में नामित किया गया है। नए चेहरों में बांग्लादेश के पहले प्रधानमंत्री ताजुद्दीन अहमद की बेटी सिमिन हुसैन रिमी राज्य मंत्रियों की सूची में शामिल हैं।