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Bangladesh: चुनाव से ठीक पहले हिंदू युवक की हत्या, चाय बागान में मिली खून से लथपथ लाश; जांच में जुटी पुलिस

Thu, 12 Feb 2026 01:28 PM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

बांग्लादेश के मौलवीबाजार में चुनाव से एक दिन पहले 28 वर्षीय हिंदू युवक की हत्या कर दी गई। उसकी लाश हाथ-पैर बंधी हालत में चाय बागान से मिली। शरीर पर कई चोट के निशान थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या - फोटो : IANS
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विस्तार
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बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला मौलवीबाजार जिले से सामने आया है, जहां आम चुनाव से महज एक दिन पहले एक 28 वर्षीय हिंदू युवक की हत्या कर दी गई। युवक का शव मिलने के बाद से इलाके मे तनाव का माहौल है। इस घटना ने वहां के अल्पसंख्यक समुदायों में डर और चिंता बढ़ा दी है।
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मृतक की पहचान रतन शुवो कर के रूप में हुई है। वह इस्लामपुर यूनियन के चंपारा चाय बागान में काम करता था। पुलिस को उसकी लाश हाथ-पैर बंधी हुई हालत में मिली। स्थानीय मीडिया के अनुसार, रतन के शरीर पर चोट के कई निशान थे और वह खून से लथपथ था।

घटना पर लोगों का क्या है कहना?
बांग्लादेश के जाने-माने अखबार, द डेली स्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लोकल लोगों ने बुधवार सुबह करीब 10:00 बजे चाय बागान के अंदर उसकी लाश देखी, जहां कर काम करता था। उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। रतन के साथ काम करने वाले लोगों का आरोप है कि उसे किसी दूसरी जगह मारा गया और फिर लाश को बागान में फेंक दिया गया। हालांकि, अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है।
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क्या बोला परिवार?
रतन के बड़े भाई लक्ष्मण कर ने बताया कि रतन मंगलवार रात से घर नहीं लौटा था। परिवार पूरी रात उसे तलाशता रहा। सुबह उन्हें बागान में लाश मिलने की खबर मिली। परिवार का कहना है कि उन्हें हत्या की वजह समझ नहीं आ रही है।

बांग्लादेश में इस समय चुनाव का माहौल है और राजनीतिक तनाव बना हुआ है। कुछ स्थानीय लोगों को शक है कि यह हत्या चुनाव से जुड़ी हो सकती है। पुलिस ने अभी इस बारे में कुछ भी साफ नहीं कहा है। अधिकारियों ने बताया कि मौत की असली वजह जानने के लिए लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस हत्या का चुनाव से कोई लेना-देना है या इसके पीछे कोई और कारण है। इस घटना के बाद से इलाके में सुरक्षा और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
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मानव अधिकार संगठन का क्या है कहना?
लगातार हो रही घटनाओं पर मानव अधिकार संगठन का कहना है कि हिंसा का स्तर चिंताजनक है। ह्यूमन राइट्स सपोर्ट सोसाइटी (एचआरएसएस) के मुताबिक, पिछले 17 महीनों में पॉलिटिकल हिंसा में कम से कम 195 लोग मारे गए और 11,229 घायल हुए। इनमें से लगभग आधी घटनाएं बीएनपी और उससे जुड़ी संस्थाओं के अंदरूनी झगड़ों की वजह से हुईं, जिनमें 121 मौतें हुईं और 7,131 घायल हुए। एक और राइट्स ग्रुप, ओधिकार ने इससे भी ज्यादा संख्या बताई, जिसमें कहा गया कि नौ अगस्त, 2024 और 31 दिसंबर, 2025 के बीच राजनीतिक हिंसा में 328 लोग मारे गए और 9,182 घायल हुए।

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