फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांग्लादेश में आतंकी हमले की आशंका: खुफिया एजेंसियों ने दी चेतावनी, पुलिस ने देशव्यापी सुरक्षा अलर्ट किया जारी

Sat, 25 Apr 2026 03:13 PM IST
Pavan वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

बांग्लादेश में खुफिया जानकारी के आधार पर जारी किया गया आतंकी हमले का अलर्ट, संभावित खतरों से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। बता दें कि, पिछले कुछ वर्षों में देश में चरमपंथी गतिविधियों में वृद्धि को देखते हुए, ये सतर्कता काफी जरूरी है।
विज्ञापन
बांग्लादेश में आतंकी हमले का अलर्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बांग्लादेश पुलिस ने देश भर में महत्वपूर्ण ठिकानों पर संभावित आतंकवादी हमलों को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट में संसद परिसर, पूजा स्थलों, मनोरंजन सुविधाओं, और सैन्य व पुलिस प्रतिष्ठानों को संभावित लक्ष्यों के रूप में चिह्नित किया गया है। आर्मरियों को विशेष रूप से खतरे में बताया गया है। यह अलर्ट खुफिया रिपोर्टों के आधार पर जारी किया गया है और इसे तत्काल और गोपनीय बताया गया है। पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर इसकी पुष्टि की।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - शांति वार्ता के लिए तैयार US-ईरान?: शहबाज से मिला ईरानी प्रतिनिधिमंडल, तेहरान ने बातचीत के लिए रखी अहम शर्त

अलर्ट के पीछे की क्या है वजह?
सूत्रों के अनुसार, यह अलर्ट हाल ही में एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन के सदस्य इस्तिक अहमद सामी उर्फ अबू बकर की गिरफ्तारी के बाद जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि वह दो बर्खास्त सैन्य कर्मियों के संपर्क में था। रिपोर्टों में संभावित हमलों के पीछे दो कथित प्रमुख योजनाकारों की प्रोफाइल भी शामिल है, हालांकि किसी विशेष संगठन का नाम नहीं लिया गया है। संदिग्धों को देश की समग्र सुरक्षा के लिए 'अत्यंत खतरनाक' बताया गया है।
विज्ञापन


सुरक्षा एजेंसियों को क्या दिया गया निर्देश?
पुलिस मुख्यालय ने आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी), विशेष शाखा (एसबी), और आतंकवाद निरोधक और अंतर्राष्ट्रीय अपराध इकाई (सीटीटीसी) सहित विशेष पुलिस इकाइयों को सतर्कता बढ़ाने का निर्देश दिया है। देश भर की नियमित पुलिस को भी उच्च अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है। एक पश्चिमी जिले के पुलिस प्रमुख ने इस पत्र की प्राप्ति की पुष्टि की और बताया कि उनके अधिकार क्षेत्र के स्टेशनों में सुरक्षा उपायों को कड़ा कर दिया गया है।

जुलाई विद्रोह के बाद बांग्लादेश में बढ़ी चरमपंथी ताकतें
बांग्लादेश ने पिछले 18 महीनों के दौरान, विशेष रूप से जुलाई-अगस्त 2024 में 'जुलाई विद्रोह' नाम के हिंसक छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की आवामी लीग सरकार के उखाड़ फेंके जाने और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान चरमपंथी ताकतों में बढ़ोतरी देखी है। अधिकारियों ने पहले बताया था कि जुलाई विद्रोह के दौरान हुई जेल तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद से मौत की सजा पाए कैदियों और इस्लामी चरमपंथियों सहित सैकड़ों कैदी फरार हैं। कुछ प्रतिबंधित संगठनों के जेल में बंद नेताओं, जिनमें अंसारुल्लाह बांग्ला टीम के प्रमुख जसीमउद्दीन रहमानी भी शामिल हैं, को अंतरिम अवधि के दौरान जमानत पर रिहा किया गया था।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - किस हाल में मोजतबा खामेनेई: US-इस्राइल के हमले में कितना हुआ शरीर को नुकसान; CIA-मोसाद ढूंढने में क्यों नाकाम?

जेल महानिरीक्षक ब्रिगेडियर जनरल सैयद मोताहेर हुसैन ने बताया था कि हिंसा के दौरान लगभग 2,700 कैदी फरार हुए थे, जिनमें से लगभग 700 अभी भी फरार हैं। उन्होंने कहा था कि फरार लोगों में कई आतंकवादी शामिल थे, और जेल गार्डों से हथियार भी लूटे गए थे। जुलाई 2024 में नरसिंग्डी की एक जेल पर हुए हमलों में 800 से अधिक कैदी फरार हुए थे, और कासिमपुर उच्च सुरक्षा जेल में 200 से अधिक कैदी गार्डों को बंधक बनाने के बाद भाग गए थे।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें