पश्चिमी देशों में बढ़ते आर्थिक संकट ने बांग्लादेश के साइकिल उद्योग की कमर तोड़ दी है। आयात ऑर्डरों में भारी गिरावट के कारण कई साइकिल कारखाने बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। जानी-मानी कंपनी कॉर्वो बाइसिकिल लिमिटेड ने तो कर्णफुरी एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन में स्थित अपने कारखाने में साइकिल का उत्पादन ही रोक दिया गया है। यही हाल उसी जोन में स्थित ट्राइडेंट साइकिल्स कंपनी का हुआ है। ये दोनों कंपनियां मूल रूप से ताइवान की हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक कॉर्वो बाइसिकिल लिमिटेड हर साल साढ़े तीन लाख से लेकर चार लाख तक साइकिलें बनाती थी। कंपनी के कॉमर्शियल मैनेजर एकेएम तनवीर उद्दीन ने अखबार द बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा- ‘बांग्लादेश में बनने वाली साइकिलों का बाजार मुख्य रूप से यूरोप में है। कोरोना महामारी और यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप में आए आर्थिक संकट के कारण वहां से साइकिलों का ऑर्डर आना लगभग बंद हो गया है। हमसे जो यूरोपीय विक्रेता साइकिल खरीदते थे, उनका भंडार हमसे पहले खरीदी गई साइकिलों से भरा हुआ है।’
बांग्लादेश के एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन के नियमों के मुताबिक दोनों बंद हो गई कंपनियां अपने 300 से ज्यादा कर्मचारियों को बेसिक सेलरी के आधा हिस्से का भुगतान कर रही हैं। इस नियम के मुताबिक नौकरी से हटाने के पहले तीन महीनों तक इतनी रकम का भुगतान करना पड़ता है। जानकारों के मुताबिक इन दोनों कंपनियों की जो हालत हुई है, वैसा ही हाल बांग्लादेश के पूरे साइकिल उद्योग का है।
मलेशिया की कंपनी एलिता बीडी लिमिटेड ने दो दशक पहले आकर बांग्लादेश में कारखाना लगाया था। वह इस उद्योग में बांग्लादेश आने वाली पहली विदेशी कंपनी थी। पिछले साढ़े तीन महीनों के दौरान वह दो किस्तों में अपने कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है।
इस कंपनी के महाप्रबंधक एएचएम फिरदौस के मुताबिक यह कंपनी हर साल डेढ़ लाख साइकिलों का उत्पादन करती थी। लेकिन अब इसमें काफी गिरावट आ चुकी है। ऑर्डर ना मिलने के कारण पिछले आठ महीनों में साढ़े तीन महीने ऐसे रहे, जब कंपनी के कारखाने में उत्पादन बिल्कुल ठहरा रहा।
इस उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक कोरोना काल में साइकिल उद्योग बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की बड़ी उम्मीद बन कर उभरा था। जिस समय बाकी उद्योगों में गिरावट का दौर था, साइकिल कारखानों में उत्पादन जारी रहा। लेकिन महामारी के बाद आए महंगाई के दौर ने साइकिल उद्योग पर खराब असर डाला। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यूरोप में तेजी से बढ़ी महंगाई ने इस उद्योग की कमर तोड़ दी।
वित्त वर्ष 2022-23 में साइकिल उद्योग से बांग्लादेश को होने वाली आमदनी में 15.31 फीसदी की गिरावट आई है। आने वाले दिन और भी संकटपूर्ण होंगे। इसका कारण यह है कि ज्यादातर कंपनियों के खरीदारों ने आयात ऑर्डर को फिलहाल रोक दिया है। बांग्लादेश के एक्सपोर्ट प्रोमोशन ब्यूरो के मुताबिक गुजरे वित्त वर्ष में बांग्लादेश को साइकिल निर्यात से 14 करोड़ 22 लाख डॉलर की आमदनी हुई, जबकि उसके पिछले वित्त वर्ष में यह रकम लगभग 17 करोड़ डॉलर रही थी।