बांग्लादेश में हिंदू संत ब्रह्मचारी चिन्मय कृष्ण दास को बड़ा झटका लगा है। देश के हाईकोर्ट ने रविवार को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि चटग्राम की निचली अदालत में 2024 के एक वकील की हत्या से जुड़े मामले की सुनवाई जारी है, इसलिए फिलहाल जमानत नहीं दी जा सकती।
पहले भी मिल चुकी थी जमानत, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
इससे पहले अप्रैल 2024 में हाईकोर्ट ने उन्हें देशद्रोह मामले में जमानत दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की अपीलीय डिवीजन ने उस आदेश पर रोक लगा दी थी। चिन्मय कृष्ण दास के संगठन 'साम्मिलित सनातन जागरण जोट' ने शेख हसीना सरकार के हटने के बाद हिंदू समुदाय पर कथित हमलों और भेदभाव के खिलाफ कई प्रदर्शन किए थे।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी असर
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की आबादी लगभग 8 प्रतिशत है, जो कुल 17 करोड़ जनसंख्या का हिस्सा है (2022 आंकड़ों के अनुसार)। चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी को लेकर भारत ने भी चिंता जताई थी, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक हलचल देखी गई थी।