पिछले साल भारत ने आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाई थी। अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर बेतुके बयान दे रहे हैं। रविवार को मुनीर ने इस ऐतिहासिक भारतीय कार्रवाई को 'दो विचारधाराओं की लड़ाई' का नाम दिया। असल में, यह भारत का आतंकवाद के खिलाफ एक कड़ा और सीधा प्रहार था, जिसने पाकिस्तान के पाले हुए आतंकियों की कमर तोड़ दी थी।
दरअसल, भारत के पहलगाम में हुए एक दर्दनाक आतंकी हमले के बाद भारत ने सात मई को यह कड़ी कार्रवाई की थी। उस हमले में 26 बेगुनाह लोग और पर्यटक मारे गए थे। भारत ने बिना देर किए आतंकियों के नौ ठिकानों पर एयरस्ट्राइक करके कम से कम 100 आतंकियों को ढेर कर दिया था। इसके बाद चार दिन तक दोनों देशों में संघर्ष चला जिसे पाकिस्तान मारका-ए-हक कहता है। 10 मई 2025 को दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच हॉटलाइन पर बातचीत के बाद यह संघर्ष रुका था। अब इसी हार को मुनीर 'श्रेष्ठ रणनीति' बताकर अपनी जनता को गुमराह कर रहे हैं।
क्या असीम मुनीर बिना सबूत के कर रहे हैं बड़े दावे?
पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने रावलपिंडी के जनरल हेडक्वार्टर में एक कार्यक्रम के दौरान कई झूठे दावे किए। उन्होंने कहा कि 6-7 मई से 10 मई के बीच भारत ने उनकी संप्रभुता का उल्लंघन किया और पाकिस्तान ने इसका करारा जवाब दिया। मुनीर ने यह भी दावा किया कि उनके देश ने संघर्ष के दौरान 26 भारतीय ठिकानों पर हमला किया था। लेकिन, हमेशा की तरह, उन्होंने अपनी इन हवा-हवाई बातों का कोई सबूत नहीं दिया। भारत ने पहले ही उनके ज्यादातर जवाबी हमलों को पूरी तरह नाकाम कर दिया था।
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युद्धविराम को लेकर पाकिस्तान क्या झूठ फैला रहा?
मुनीर ने अपनी झूठी शान बघारते हुए यह भी कहा कि भारत ने अमेरिका के जरिए सीजफायर यानी युद्धविराम की मांग की थी और पाकिस्तान शांति के लिए मान गया। यह सरासर झूठ है। भारत ने स्पष्ट रूप से दुनिया को बताया है कि सैन्य कार्रवाइयों को रोकने की सहमति दोनों देशों के बीच सीधे हॉटलाइन के जरिए बनी थी। भारत ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कदम उठाया था और अपनी सीमा को सुरक्षित रखने के लिए हम किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
भारत के सख्त रुख से घबराकर पाकिस्तान कर रहा कैसी तैयारी?
भारत के कड़े प्रहार से डरा हुआ पाकिस्तान अब अपनी सेना का आधुनिकीकरण करने का दिखावा कर रहा है। मुनीर ने कहा कि भविष्य के युद्ध अलग होंगे, इसलिए वे तकनीक, रॉकेट फोर्स और हांगोर-क्लास पनडुब्बियों के जरिए अपनी तैयारी कर रहे हैं। वे हथियारों के डर से शांति बनाए रखने की बात कर रहे हैं। लेकिन भारत का रुख एकदम साफ है। भारत का मकसद सिर्फ सीमा पार से फैलाई जा रही दहशतगर्दी का खात्मा करना है।
'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर भारत ने कहा अपने देश की सुरक्षा करने और पाकिस्तान द्वारा पाले गए आतंकवाद के खिलाफ खुद को बचाने का पूरा अधिकार है। जब भी आतंकवाद हमारे देश की तरफ आंख उठाएगा, भारत इसी तरह उसका मुंहतोड़ जवाब देगा। पाकिस्तान चाहे जितने झूठे दावे कर ले, लेकिन दुनिया जानती है कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एक बहुत बड़ी जीत हासिल की है।
पाकिस्तान के मंत्री ने खुद को बताया सेना प्रमुख का साधारण कार्यकर्ता
पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री अली परवेज मलिक के बयान पर विवाद खड़ा हो गया। खुद को फील्ड मार्शल मुनीर का साधारण कार्यकर्ता बताने पर सोशल मीडिया पर उनकी तीखी आलोचना शुरू हो गई। आलोचकों ने इसे पाकिस्तान की राजनीति में सेना के बढ़ते प्रभाव का संकेत बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मलिक ने कहा, प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व वाली टीम के एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में मैं जनता को भरोसा दिलाता हूं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम कीमतें घटने पर हम पाकिस्तान में भी उतनी ही तेजी से कीमतें कम करेंगे। मंत्री के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर आलोचनाओं की बाढ़ आ गई। फातिमा मलिक नाम की यूजर ने लिखा, जब मंत्री खुद को जनता का प्रतिनिधि बताने के बजाय ताकतवर लोगों का सेवक बताने लगे तो सवाल उठता है कि यह लोकतंत्र है या वफादार सेवकों का दरबार?
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