बांग्लादेश सरकार को जल्द ही ब्रिटेन की कंपनी ब्रिटिश-अमेरिकन टुबैको (बैट) के खिलाफ मोर्चा खोलने पर मजबूर होना पड़ सकता है। बांग्लादेश के प्रतिस्पर्धा आयोग ने अपनी जांच में पाया है कि इस कंपनी ने बांग्लादेश के बाजार में अपने वर्चस्व का दुरुपयोग किया है। इसकी वजह से जापान की कंपनी- जापान टुबैको को नुकसान हुआ है। विश्लेषकों का कहना है कि आयोग की सिफारिशों पर अगर अवामी लीग सरकार कदम उठाती है, तो उसका असर ब्रिटेन के साथ बांग्लादेश के रिश्तों पर पड़ सकता है।
जापान टुबैको की शिकायत है कि बैट ने अनुचित तरीकों का इस्तेमाल कर उसका बाजार छीना है। इस मामले में उसने प्रतिस्पर्धा आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। आरंभिक जांच में आयोग ने जापान टुबैको की शिकायत को सही माना। अब उसने इस मामले की विस्तृत जांच करने का फैसला किया है। इसके तहत अपना फैसला देने के पहले आयोग एक बार फिर से बैट को अपना पक्ष रखने का मौका देगा।
वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक जब से अकिज ग्रुप की कंपनी जापान टुबैको के हाथ में आई है, बांग्लादेश के बाजार में उसका हिस्सा गिर कर लगभग 12 फीसदी रह गया है। जबकि खरीदारी के वक्त उसका हिस्सा तकरीबन 20 फीसदी था। उधर बैट का हिस्सा साढ़े 68 फीसदी से बढ़ कर लगभग 80 फीसदी हो गया है। बताया जाता है कि बांग्लादेश में हर साल 70 अरब सिगरेट की बिक्री होती है। देश की वयस्क आबादी में 35 फीसदी को धूम्रपान की लत है। बांग्लादेश की कुल आबादी साढ़े 16 करोड़ है।
जापान टुबैको की तरफ से ये मामला ढाका स्थित जापान के राजदूत ने भी उठाया था। पिछले साल उन्होंने इस बारे में बांग्लादेश के वित्त मंत्री मुस्तफा कमाल को पत्र लिखा था। उसमें उन्होंने ध्यान दिलाया था कि जापानी टुबैको कंपनी ने बांग्लादेश में अपने देश की तरफ से सबसे बड़ा निवेश किया है, इसलिए इस मामले पर जापानी निवेशकों की नजर है।
विश्लेषकों का कहना है कि प्रतिस्पर्धा आयोग का अंतिम फैसला आने के बाद बांग्लादेश सरकार को बैट के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। आशंका है कि तब इस मामले में ब्रिटिश सरकार भी दखल दे सकती है।