गणपति चक्रवर्ती परिवार के चार सदस्यों की हत्या के बाद अब ढाका में विरोध शुरू हो गया है। हिंदू संगठन दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस की जांच और हत्या की वजह को लेकर सवाल अभी भी बने हुए हैं। क्या है पूरा मामला? जानिए...
बांग्लादेश में गणपति चक्रवर्ती और उनके परिवार के तीन सदस्यों की हत्या के मामले में अब विरोध तेज हो गया है। बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोत ने ढाका स्थित नेशनल प्रेस क्लब के सामने मानव शृंखला बनाकर प्रदर्शन किया। संगठन ने हत्याकांड में शामिल लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के जरिए संगठन ने मामले में कार्रवाई की मांग उठाई। गणपति चक्रवर्ती परिवार की हत्या का मामला पहले ही कई सवालों के घेरे में है। पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया है, लेकिन मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग पुलिस की जांच पर सवाल उठा रहे हैं।
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क्या है पूरा मामला?
यह मामला बांग्लादेश के रंगपुर शहर का है। यहां रिटायर्ड शिक्षक गणपति चक्रवर्ती और उनके परिवार के तीन अन्य सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। बंद घर से गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, बेटी अगामी चक्रवर्ती और बेटे प्रियम चक्रवर्ती के शव बरामद हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और दो युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस ने हत्या के पीछे नशीले पदार्थ को लेकर हुए विवाद की बात कही है।
मामले से जुड़ी पांच बड़ी बातें
ढाका के नेशनल प्रेस क्लब के सामने मानव शृंखला बनाई गई।
हिंदू संगठन ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
गणपति चक्रवर्ती परिवार के चार सदस्यों की हत्या हुई थी।
पुलिस ने मामले में दो युवकों को हिरासत में लिया है।
क्या कह रही है पुलिस की थ्योरी?
पुलिस के अनुसार, दो युवक पड़ोसी इमारत के रास्ते गणपति चक्रवर्ती के घर की छत पर पहुंचे थे। पुलिस का दावा है कि दोनों वहां याबा नाम का नशीला पदार्थ ले रहे थे। गणपति चक्रवर्ती ने उन्हें देख लिया और इसका विरोध किया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद गणपति चक्रवर्ती की हत्या कर दी गई। इसके बाद उनकी पत्नी और दोनों बच्चों की भी जान ले ली गई।
पुलिस की कहानी पर उठे सवाल
मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग पुलिस की कहानी से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि केवल दो लोग परिवार के चार सदस्यों की हत्या कैसे कर सकते हैं। हिरासत में लिए गए युवकों के परिवार वालों ने भी दावा किया कि घटना वाली रात वे घटनास्थल पर नहीं थे। इन सवालों के बीच मामले की जांच गुप्तचर शाखा को सौंप दी गई। अब जांच एजेंसी के सामने इस हत्याकांड की पूरी सच्चाई सामने लाने की चुनौती है।