बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से ही पाकिस्तान लगातार पड़ोसी देश में सेंध लगाने की कोशिश कर रहा है। अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस पाकिस्तान के नेताओं और सेना के अधिकारियों से मुलाकात का दौर जारी रखे हुए हैं। इन तमाम वजहों से अवामी लीग के पूर्व सांसद के दावे को बल मिलता दिख रहा है।
अवामी लीग के पूर्व सांसद बहाउद्दीन नसीम ने बांग्लादेश में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना की कथित मौजूदगी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अंतरिम प्रशासन पर विदेशी प्रभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
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बहाउद्दीन नसीम ने एएनआई से बातचीत करते हुए दावा किया कि हाल के दिनों में पाकिस्तान की सैन्य खुफिया एजेंसी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी बांग्लादेश आए हैं। उनके अनुसार, आईएसआई के दूसरे नंबर के अधिकारी और पाकिस्तानी सेना के शीर्ष अधिकारी लगातार ढाका का दौरा कर रहे हैं।
शेख हसीना सरकार में नहीं मिला पाकिस्तान को घुसपैठ का मौका
नसीम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईएसआई पर दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में आतंकवादी संगठनों को पनाह, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता देने के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल में ऐसी ताकतों को बांग्लादेश में घुसपैठ का कोई अवसर नहीं मिला था। उन्होंने कहा कि उस समय देश में आंतरिक सुरक्षा, सांप्रदायिक सौहार्द और धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम थी।
पूर्व सांसद ने मौजूदा अंतरिम प्रशासन को 'अवैध' बताते हुए आरोप लगाया कि पाकिस्तान के कथित सहयोगियों को अब सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में प्रभाव मिल रहा है।
नसीम ने यह भी आरोप लगाया कि नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने अपने स्तर पर पाकिस्तान के साथ संपर्क बढ़ाया है।
पूर्व सांसद ने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि कराची और चटगांव बंदरगाह के बीच सीधा व्यावसायिक जहाज संचालन शुरू हुआ है, जो पिछले 54 वर्षों में नहीं हुआ था।
उनके अनुसार, यह बदलाव मौजूदा अंतरिम सरकार के कार्यकाल में देखा जा रहा है।
नसीम ने यह भी दावा किया कि बांग्लादेश के रणनीतिक और संवेदनशील क्षेत्रों में पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ी हैं।
बांग्लादेश में आईएसआई ने बनाए ठिकाने
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ वरिष्ठ आईएसआई अधिकारियों ने देश के भीतर ठिकाने भी बना लिए हैं, जिससे आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने का खतरा है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की जनता किसी भी विदेशी खुफिया एजेंसी की मौजूदगी का विरोध कर रही है और इसे राष्ट्रीय संप्रभुता व सुरक्षा के लिए खतरा मानती है। अवामी लीग ने इन आरोपित गतिविधियों की कड़ी निंदा करते हुए देश की स्वतंत्रता और स्थिरता की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।