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Bangladesh F-7BGI Crash: कैसे स्कूल से टकरा गया चीन निर्मित लड़ाकू विमान, हादसे को क्यों नहीं रोक पाया पायलट?

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Mon, 21 Jul 2025 08:33 PM IST

सार

Bangladesh F-7BGI Training Fighter Jet Crash: बांग्लादेश में हुए इस हादसे में ट्रेनिंग विमान के पायलट तौकीर इस्लाम सागर की मौत हो गई। हालांकि, जब लड़ाकू विमान क्रैश हुआ था, तब पायलट जिंदा थे और उन्हें बचाने की काफी कोशिशें की गईं। लेकिन अस्पताल में उन्हें बचाया नहीं जा सका। 
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बांग्लादेश में एफ-7बीजीआई लड़ाकू विमान स्कूल की बिल्डिंग से टकराया। - फोटो : अमर उजाला
बांग्लादेश में सोमवार (21 जुलाई) को एक बड़ा हादसा हुआ। ढाका के उत्तरा में स्थित एक स्कूल-कॉलेज के परिसर में लड़ाकू विमान गिर गया। इस घटना के बाद बांग्लादेश की सेना की तरफ से बयान जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि फाइटर जेट स्कूल की बिल्डिंग से टकरा गया। इस हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई, जबकि 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए। 

बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक, यह हादसा एक ट्रेनिंग विमान के माइलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज की दो मंजिला बिल्डिंग में घुसने से हुआ। जो लोग घायल हुए उनमें 60 से ज्यादा छात्र-छात्राएं हैं। इसके अलावा कुछ शिक्षक भी गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। बताया गया है कि हादसे में ट्रेनिंग विमान के पायलट की भी मौत हो गई। हालांकि, जब लड़ाकू विमान क्रैश हुआ था, तब पायलट जिंदा था और उसे बचाने की काफी कोशिशें की गईं। 
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बांग्लादेश में एफ-7बीजीआई लड़ाकू विमान स्कूल की बिल्डिंग से टकराया। - फोटो : अमर उजाला
बांग्लादेश में सोमवार (21 जुलाई) को एक बड़ा हादसा हुआ। ढाका के उत्तरा में स्थित एक स्कूल-कॉलेज के परिसर में लड़ाकू विमान गिर गया। इस घटना के बाद बांग्लादेश की सेना की तरफ से बयान जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि फाइटर जेट स्कूल की बिल्डिंग से टकरा गया। इस हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई, जबकि 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए। 

बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक, यह हादसा एक ट्रेनिंग विमान के माइलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज की दो मंजिला बिल्डिंग में घुसने से हुआ। जो लोग घायल हुए उनमें 60 से ज्यादा छात्र-छात्राएं हैं। इसके अलावा कुछ शिक्षक भी गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। बताया गया है कि हादसे में ट्रेनिंग विमान के पायलट की भी मौत हो गई। हालांकि, जब लड़ाकू विमान क्रैश हुआ था, तब पायलट जिंदा था और उसे बचाने की काफी कोशिशें की गईं। 

उड़ान भरने के बाद कैसे हादसे का शिकार हो गया लड़ाकू विमान?
बांग्लादेश के इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन (आईएसपीआर) विभाग की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि जिस ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट से हादसा हुआ, वह चीन का एफ-7बीजीआई लड़ाकू विमान था। इसे बांग्लादेश में नए पायलटों को प्रशिक्षित करने और छोटी-मोटी कॉम्बैट भूमिकाओं के लिए तय किया गया था। 

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सोमवार को इस ट्रेनिंग जेट को फ्लाइट लेफ्टिनेंट तौकीर इस्लाम सागर उड़ा रहे थे। वे मौजूदा समय में बांग्लादेश वायुसेना की 35वीं स्क्वाड्रन का हिस्सा थे। बांग्लादेश की न्यूज वेबसाइट द डेली स्टार के मुताबिक, सागर ने इसी साल फ्लाइट ट्रेनिंग में पीटी-6 एयरक्राफ्ट के साथ अपने 100 घंटे पूरे किए थे। इसके बाद वे 15वीं स्क्वाड्रन का हिस्सा बने थे, जहां वे 60 घंटे तक प्रशिक्षण ले चुके थे। 

35वीं स्क्वाड्रन में रहते हुए वे सोमवार को एक सहायक पायलट के साथ पहले ही उड़ान भर चुके थे। इसके बाद वे दोपहर में करीब 1.06 बजे अपने पहले सोलो मिशन (अकेले उड़ान भरने) पर ढाका के कुर्मीटोला इलाके में स्थित बांग्लादेश वायुसेना के बंगबंधु बेस से निकले थे। हालांकि, रूटीन ट्रेनिंग मिशन के दौरान रास्ते में ही उनका लड़ाकू विमान तकनीकी गड़बड़ी का शिकार हो गया। अभी यह साफ नहीं है कि यह गड़बड़ी किस तरह की थी। 

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एक अधिकारी ने ढाका ट्रिब्यून वेबसाइट को बताया कि टेकऑफ के बाद ही एयरक्राफ्ट में कुछ गड़बड़ी आ गई, जिसकी वजह से पायलट का नियंत्रण छूट गया। इस बीच पायलट का टावर से संपर्क स्थापित था और उससे विमान से बाहर निकलने (इजेक्ट करने) की चेतावनी दी गई। हालांकि, लड़ाकू विमान पहले ही काफी नीचे उड़ रहा था, इसलिए इजेक्ट करना सुरक्षित नहीं था। दूसरी तरफ तौकीर आखिर तक विमान को आपात स्थिति में संभालने की कोशिश में जुटे रहे। हालांकि, दुर्भाग्य से एयरक्राफ्ट एक स्कूल की बिल्डिंग से टकरा गया। जब यह दुर्घटना हुई तब तौकीर कॉकपिट में मौजूद थे। 

फाइटर जेट क्रैश होने के बावजूद जब रेस्क्यू टीम ने पायलट को विमान से निकाला तो उनकी सांसें चल रही थीं। इसके बाद उन्हें एमआई-17 हेलीकॉप्टर से कंबाइंड मिलिट्री अस्पताल पहुंचाया गया और क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) में भर्ती किया गया। हालांकि, अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 



हादसे के बाद जलने से घायल हुए हैं अधिकतर लोग
राहत और बचाव कार्यों के लिए सरकार ने बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड्स (बीजीबी) की तीन टुकड़ियों को तैनात कर दिया है। स्कूल की इमारत के मलबे से लोगों को निकाल कर कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (सीएमएच) भेजा गया है। इसके अलावा 60 से ज्यादा घायलों को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी में भर्ती कराया गया है। अधिकतर लोग जलने की वजह से गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी के निदेशक मोहम्मद नसीरुद्दीन ने बताया कि 30 से अधिक लोगों को वहां भर्ती कराया गया है हमारे आपातकालीन विभाग में 30 बिस्तर हैं। हम कुछ घायलों को दूसरे विभाग में भेज रहे हैं। आपातकालीन विभाग के सभी बिस्तर पहले ही भर चुके हैं। रेजिडेंट सर्जन हारुनुर रशीद ने बताया कि दो अन्य घायलों को ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बर्न यूनिट में ले जाया गया है। 18 घायलों को लुबाना जनरल अस्पताल ले जाया गया। चार से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।

अब जानें- उस लड़ाकू विमान के बारे में जिसके क्रैश होने से हुआ गंभीर हादसा?
गौरतलब है कि जो एफ-7 लड़ाकू विमान हादसे का शिकार हुआ, वह चीन में बना जेट है। इस लड़ाकू विमान को चीन ने सोवियत काल के मिग-21 विमान की तर्ज पर बनाया है। चीन में इसका उत्पादन चेंगदू कंपनी ने किया, जो कि मौजूदा समय में चीन के जे-10 और जे-20 जैसे लड़ाकू विमानों का उत्पादन कर रही है। एफ-7 लड़ाकू विमानों के अस्तित्व में आने के बाद से ही बांग्लादेश ने चीन से इन्हें खरीदने का समझौता कर लिया था। 

एफ-7 लड़ाकू विमान सिंगल इंजन का हल्का एयरक्राफ्ट है। बांग्लादेश को इस लड़ाकू विमान की आखिरी इकाई 2013 में मिली थी। तबसे लेकर अब तक बांग्लादेश ने इस एयरक्राफ्ट में कई बदलाव कराए। मौजूदा समय में बांग्लादेश के पास जो एफ-7 मौजूद है, उसे बाकी देशों- मिस्र, पाकिस्तान के पास मौजूद एफ-7 से ज्यादा आधुनिक बताया जाता है। इसमें पूरी तरह कांच की कॉकपिट है, जिसमें मल्टी-फंक्शन डिस्प्ले और थ्रॉटल-एंड-स्टिक कंट्रोल है, जिससे पायलट की पारिस्थितिक जागरुकता बेहतर हो जाती है। 



यह लड़ाकू विमान 2.2 मैक की अधिकतम स्पीड हासिल कर सकता है। यह 57,420 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसमें बम से लेकर मिसाइलों तक को ले जाने की क्षमता है, हालांकि यह फाइटर जेट बियॉन्ड विजुअल रेंज मिसाइलों को लॉन्च नहीं कर सकता। 
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