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Bangladesh: बांग्लादेश में बढ़ रहा चरमपंथ का खतरा, दो साल में 100 से अधिक दरगाहों में तोड़फोड़

Tue, 19 May 2026 02:28 PM IST
नितिन गौतम आईएएनएस, ढाका

सार

बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार की सत्ता से विदाई के बाद से वहां चरमपंथ तेजी से बढ़ रहा है। जमात ए इस्लामी जैसी पार्टियां चरमपंथ को बढ़ावा दे रही हैं। इसी का नतीजा है कि अब वहां न सिर्फ अल्पसंख्यक बल्कि सूफी परंपरा मानने वाले मुसलमानों को भी निशाना बनाया जा रहा है। 
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बांग्लादेश में हिंसा - फोटो : एएनआई-पीटीआई
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने बांग्लादेश में श्रद्धालुओं पर हुए हमले और एक दरगाह में हुई तोड़फोड़ की कड़ी निंदा की है। संगठन को चिंता है कि इस तरह की घटनाओं को न रोकने और दोषियों को सजा न दे पाने की वजह से चरमपंथी समूहों का हौसला बढ़ेगा। फ्रांस में स्थित जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश (जेएमबीएफ) ने कहा कि ढाका में हजरत शाह अली बगदादी की दरगाह पर श्रद्धालुओं पर हुआ हमला और 14 मई की रात को एक शांतिपूर्ण साप्ताहिक धार्मिक सभा में शामिल लोगों पर हिंसक हमला, धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक धरोहर और देश की सदियों पुरानी सूफी परंपराओं पर गंभीर हमला है।
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जमात ए इस्लामी पार्टी पर आरोप
मानवाधिकार संगठन ने बताया कि बांग्लादेश की कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी और उसकी छात्र इकाई शिबिर से जुड़े हथियारबंद हमलावरों ने दरगाह परिसर में डंडों के साथ प्रवेश किया और निर्दोष श्रद्धालुओं पर सुनियोजित हमला किया, जिससे अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घायल हो गए। संगठन ने यह भी कहा कि दरगाह के बाहर पुलिस की मौजूदगी के थी, लेकिन वे नागरिकों की रक्षा करने में असफल रहे।
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जेएमबीएफ ने एक घायल व्यक्ति के हवाले से कहा, 'कुछ लोग डंडों के साथ आए और उन्होंने पूरी तरह से अराजकता फैला दी। लोग इधर-उधर भागने लगे। मैं मुख्य गेट से निकलने की कोशिश कर रहा था, तभी उन्होंने मेरे सिर पर वार किया।' संगठन ने दरगाह के अनुयायियों का हवाला देते हुए कहा कि यह हमला 5 अगस्त 2024 से बांग्लादेश में दरगाहों और सूफी स्थलों पर हो रहे हमलों और तोड़फोड़ की एक श्रृंखला का हिस्सा है।

5 अगस्त 2024 से अब तक 100 से अधिक दरगाहों को बनाया निशाना
जेएमबीएफ के संस्थापक अध्यक्ष शाहनूर इस्लाम ने कहा कि यह घटना अकेली नहीं है, बल्कि यह एक चिंताजनक और व्यवस्थित हिंसा की एक कड़ी है, जिसमें धार्मिक अल्पसंख्यकों और सूफी स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। इस अवधि में 100 से अधिक दरगाहों पर हमले की खबर है। संगठन ने चिंता जताई कि इन घटनाओं में शामिल किसी भी दोषी पर आरोप साबित नहीं किया गया है, जिससे इन्हें सजा नहीं मिलेगी।
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जेएमबीएफ ने बांग्लादेश सरकार से अपील की है कि वह शाह अली बगदादी दरगाह पर हुए हमले की तुरंत, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करे तथा सभी दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर सजा दे। संगठन ने देशभर में सभी दरगाहों, धार्मिक संस्थानों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बढ़ते धार्मिक उग्रवाद तथा राजनीतिक हिंसा के खिलाफ सख्त कदम उठाने की भी मांग की है।
 
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