छात्र नेतृत्व वाली नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) ने बुधवार को कहा कि वह नहीं चाहती कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी बांग्लादेश अवामी लीग चुनाव में भाग ले। वह इसका विरोध करेगी।
बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले ही लोकतंत्र का गला घोंटने की तैयारी शुरू हो गई है। दरअसल, छात्र नेतृत्व वाली नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) ने बुधवार को कहा कि वह नहीं चाहती कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी बांग्लादेश अवामी लीग चुनाव में भाग ले। वह इसका विरोध करेगी। िपछले वर्ष छात्र आंदोलन के चलते ही हसीना का तख्ता पलट हुआ था।
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एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए अमेरिका की समसामयिक मामलों की पत्रिका द डिप्लोमेट में प्रकाशित एक साक्षात्कार में एनसीपी के संयोजक नाहिद इस्लाम ने कहा, हम नहीं चाहते कि हसीना की पार्टी का कोई भी नामलेवा आगामी चुनावों में सक्रिय हिस्सा ले। इस्लाम ने कहा कि अवामी लीग के जो लोग गलत कामों के लिए जिम्मेदार हैं, उन पर सबसे पहले मुकदमा चलाया जाए। इस्लाम ने कहा, हमारा लक्ष्य एक संविधान सभा के जरिये द्वितीय गणराज्य की स्थापना करना है।
भारत या पाकिस्तान पर केंद्रित नहीं रहेंगे
यह पूछने पर कि कूटनीति पर उनकी पार्टी का रुख क्या है, इस्लाम ने कहा, सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हम चाहते हैं कि बांग्लादेश किसी भी विदेशी शक्ति के प्रभुत्व से मुक्त होकर एक संतुलित और लाभप्रद कूटनीतिक दृष्टिकोण अपनाए। उन्होंने कहा, अतीत में हम दिल्ली के प्रभाव में थे। अब हम बांग्लादेश की राजनीति को भारत या पाकिस्तान के इर्द-गिर्द केंद्रित नहीं होने देंगे। एनसीपी राष्ट्रीय हितों के साथ स्वदेश केंद्रित रहेगी।
नया संविधान चाहते हैं
नाहिद इस्लाम ने कहा, हम नया संविधान लागू करना चाहते हैं और देश की सत्ता गतिशीलता का ढांचा बदलना चाहते हैं। एनसीपी के छात्रों ने गत वर्ष भेदभाव के खिलाफ अभियान चलाया था।