बीते साल पांच अगस्त को स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन (एसएडी) के नेतृत्व में हुए छात्रों के हिंसक प्रदर्शनों ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की लगभग 16 साल पुरानी अवामी लीग सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था। इसके बाद, बीएनपी देश की मुख्य राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने देश के राजनीतिक हालात पर फिक्र में डालने वाली अटकलों के बीच संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव एंटोनियो गुटरेस के सामने चुनाव आधारित न्यूनतम जरूरी सुधारों के बाद देश में जल्द से जल्द चुनाव कराने का प्रस्ताव रखा। शनिवार को गुटरेस के सुधार प्रस्तावों पर एक गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के दौरान उनके सामने बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने यह प्रस्ताव रखा।
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दरअसल, गुटरेस 10 लाख से अधिक रोहिंग्या शरणार्थियों के हालात जानने के लिए चार दिवसीय यात्रा पर बृहस्पतिवार को यहां पहुंचे हैं। इस गोलमेज सम्मेलन में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों सहित राष्ट्रीय सहमति निर्माण आयोग और कई हितधारकों ने शिरकत की। बताते चलें कि राष्ट्रीय सहमति आयोग का नेतृत्व अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस कर रहे हैं। हालांकि, अवामी लीग और उसके सहयोगियों को इस सम्मेलन से दूर रखा गया। बीएनपी महासचिव इस्लाम ने सम्मेलन के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा, हमने उनसे (गुटेरेस से) कहा कि हम चाहते हैं कि अंतरिम सरकार केवल चुनाव-केंद्रित सुधारों को पूरा करने के बाद अगला राष्ट्रीय चुनाव जल्द कराए। बैठक में आलमगीर के साथ मौजूद बीएनपी की सर्वोच्च नीति निर्धारण स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि यूएन का मानना है कि बांग्लादेशियों को यह तय करना चाहिए कि सुधार और चुनाव कैसे और कब होंगे, क्योंकि यह देश का आंतरिक मामला है।
बांग्लादेश में दिसंबर 2025 या जून 2026 में हो सकते हैं चुनाव
बताते चलें कि बीते साल पांच अगस्त को स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन (एसएडी) के नेतृत्व में हुए छात्रों के हिंसक प्रदर्शनों ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की लगभग 16 साल पुरानी अवामी लीग सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था। इसके बाद, बीएनपी देश की मुख्य राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी। एसएडी की मदद से अंतरिम प्रशासन के प्रमुख के तौर पर मुख्य सलाहकार के पद पर काबिज 86 साल के यूनुस ने शुक्रवार को ही गुटेरेस से कहा था कि अगर राजनीतिक दल चाहता है कि सुधार पैकेज छोटा हो, तो दिसंबर 2025 में राष्ट्रीय चुनाव हो सकते हैं, लेकिन अगर वे पैकेज के विस्तार पर सहमत होते हैं, तो चुनाव अगले साल जून तक कराए जाएंगे।
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एसएडी को है हसीना की स्वदेश वापसी से पहले चुनावों से इनकार
एसएडी ने हाल ही में नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) नामक एक राजनीतिक पार्टी बनाई है। एसएडी के नेताओं में से एक नाहिद इस्लाम कहते हैं कि मौजूदा कानून और व्यवस्था की स्थिति दिसंबर में होने वाले चुनावों के लिए अनुकूल नहीं है। हालिया ही पार्टी के नेता सरजिस आलम ने कहा था कि जब- तक हसीना को घर वापस लाकर मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए फांसी की सजा नहीं दी जाती, तब तक किसी को चुनाव शब्द का उच्चारण भी नहीं करना चाहिए।