बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के खिलाफ सरकारी कर्मचारियों का विरोध मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा। इस बीच, ढाका स्थित केंद्रीय सचिवालय परिसर में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। कर्मचारी एक नए कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे बिना लंबी प्रक्रिया के कर्मचारियों को बर्खास्त करना आसान हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने रविवार को 'पब्लिक सर्विस (संशोधन) अध्यादेश-2025' जारी किया। इस कानून के तहत सरकार किसी भी कर्मचारी को चार तरह के अनुशासनात्मक मामलों में सिर्फ एक 'शोकॉज नोटिस' देकर नौकरी से निकाल सकती है, बिना किसी औपचारिक जांच के। इस फैसले को कर्मचारी काला कानून और गैरकानूनी बता रहे हैं और वे इसके वापस लिए जाने की मांग कर रहे हैं। इस विरोध की वजह से सचिवालय में प्रशासनिक कामकाज ठप हो गया है।
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इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
वहीं इस प्रदर्शन को देखते हुए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी), स्पेशल वेपन्स एंड टैक्टिक्स (स्वाट)और रैपिड एक्शन बटालियन (आएबी)को सचिवालय की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। इन बलों के साथ ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस और अन्य विशेष इकाइयों को भी लगाया गया है। इस दौरान प्रवेश द्वारों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पत्रकारों और आम लोगों को सचिवालय में घुसने की अनुमति नहीं दी गई है।
कर्मचारियों की मांगें और नारे
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी अध्यादेश को पूरी तरह वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उनके प्रमुख नारे हैं। 'हमारे खून में आग लगी है', 'गैरकानूनी काला कानून खत्म करो', 'कर्मचारी इस अवैध कानून को नहीं मानते', '18 लाख कर्मचारियों को एकजुट करो', 'समझौता नहीं, सिर्फ संघर्ष'
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राजनीतिक और सैन्य तनाव
इस प्रशासनिक संकट के बीच बांग्लादेश में अंतरिम सरकार और सेना के बीच तनातनीकी खबरें भी सामने आ रही हैं। सेना ने साफ किया है कि देश की स्वतंत्रता, सुरक्षा और संप्रभुता के मुद्दे पर कोई समझौता नहींकिया जाएगा। हालांकि, सेना ने यह भी कहा है कि वह अंतरिम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान और नौसेना और वायुसेना प्रमुखों ने हाल ही में मोहम्मद यूनुस से मुलाकात कर दिसंबर तक चुनाव कराए जाने की मांग दोहराई। इसके साथ ही सेना ने म्यांमार के राखाइन प्रांत के विद्रोही इलाकों में प्रस्तावित मानवीय गलियारे को लेकर भी आपत्ति जताई।
कानून-व्यवस्था पर सवाल
ढाका में हाल के हफ्तों में अपराध और हिंसा बढ़ी है। मंगलवार को एक स्थानीय अखबार ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में राजधानी में हत्या, लूट और डकैती की घटनाएं काफी बढ़ी हैं। जनवरी से अप्रैल 2025 तक 175 लूट के मामले दर्ज हुए हैं, जो पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुने हैं। डकैती के मामलों में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है – 7 से बढ़कर 24। हत्या के मामलों में सबसे ज्यादा चिंता– पिछले साल 47 हत्याएं हुई थीं, इस साल यह संख्या बढ़कर 136 हो गई है। वहीं रविवार रात दो नकाबपोश हमलावरों ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के एक नेता कमरुल अहसन साधन की गोली मारकर हत्या कर दी।