बांग्लादेश बैंक के पूर्व कार्यकारी निदेश और सिक्योरिटी प्रिंटिंग कॉरपोरेशन के पूर्व प्रबंध निदेशक जियाउद्दीन अहमद ने कहा, "सरकार के आदेश के बाद बंगबंधु मुजीब की तस्वीर वाले करोड़ों नोट बैंकों के लॉकर में बंद पड़े हैं। मौजूदा समय में नोट छापने वाले कारखानों के पास सभी नोटों को बंद करने और नए नोटों को छापने की क्षमता नहीं है। ऐसे में जल्द से जल्द जितने नए नोट छप चुके हैं, उन्हें बाजार में उतार देना चाहिए।"
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रिपोर्ट्स की मानें तो बांग्लादेश में करीब 15 हजार करोड़ के मुजीब-उर-रहमान की तस्वीर वाले नोटों का रिलीज अचानक रोक दिया गया। इसके अलावा नई करेंसी भी नहीं रिलीज हुई है। ऐसे में बांग्लादेश में मुद्रा संकट गहरा गया है। अगर यह स्थिति नहीं सुधरती तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
गौरतलब है कि बांग्लादेश में इसे लेकर कई हलकों में विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। शेख हसीना खुद शेख मुजीब की बेटी हैं और उनकी पार्टी आवामी लीग ने अतंरिम सरकार के इस फैसले का सख्त विरोध किया है।
बांग्लादेश के कुछ अधिकारियों ने यहां तक दावा किया है कि बाजार से शेख मुजीब की तस्वीर वाले नोटों को हटाने में पांच से सात साल तक का समय भी लग सकता है।
बांग्लादेश में कैसा है माहौल?
नए डिजाइन वाले नोटों की छपाई में आ रही दिक्कतों और अंतरिम सरकार की तरफ से पुराने नोटों की छपाई को बंद करने का असर बांग्लादेश पर पड़ने लगा है। दरअसल, यहां पुराने, कटे-फटे और गंदे नोटों की संख्या बाजार में बढ़ रही है। ऐसे में कुछ ही महीनों में ऐसी मुद्रा बढ़ जाएगी जो इस्तेमाल में नहीं लाई जा सकेगी।
प्रथोम आलो से बातचीत में एक निजी संस्थान के कर्मचारी शफीउल इस्लाम ने बताया कि उन्होंने 420 टका का सामान खरीदा और इसके लिए 1000 टका का नोट दुकानदार को थमाया। दुकान वाले ने उन्हें 200 टका के दो, एक 100 टका, एक 50 टका और एक 20 और एक 10 टका का नोट दिया। इनमें 200 टका के नोट और 20 टका के नोट इस्तेमाल योग्य नहीं थे। बाजार में नए नोटों की कमी के चलते उनके पास इन्हें लेने के अलावा कोई विकल्प भी नहीं है।
अजमल हुसैन नाम के एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि उन्होंने एक बैंक एटीएम से 20,000 टका निकाले। इनमें से हजार टका के तीन नोट इस्तेमाल करने लायक नहीं थे। हालांकि, अगर वे इन नोटों को बैंक को वापस भी करना चाहें तो बैंक इन्हें बदल नहीं सकते।
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