बांग्लादेश की राजधानी ढाका की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, उनके बेटे सजीब वाजेद और 16 अन्य लोगों के खिलाफ नए गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। ये कार्रवाई आवासीय भूखंडों के आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर दर्ज दो मामलों में की गई है।
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क्या है मामला?
ढाका मेट्रोपोलिटन सीनियर स्पेशल जज की अदालत ने ये गिरफ्तारी वारंट एंटी करप्शन कमीशन (एसीसी) की चार्जशीट पर गौर करने के बाद जारी किए। आरोप है कि शेख हसीना और उनके करीबी लोगों ने राजधानी ढाका के बाहरी इलाके पुरबाचल न्यू टाउन में प्लॉट हासिल करने में नियमों का उल्लंघन किया। इस मामले में एक सरकारी वकील ने बताया कि अधिकांश आरोपी सरकारी अधिकारी हैं।
कोर्ट ने क्या दिया आदेश
जज जाकिर हुसैन ने देशभर के कई पुलिस थानों को निर्देश दिया है कि वे 29 अप्रैल तक गिरफ्तारी की प्रगति रिपोर्ट पेश करें। सभी आरोपियों को फिलहाल भगोड़ा घोषित किया गया है। इससे पहले इसी अदालत ने हसीना की बेटी सायमा वाजेद पुतुल, बहन शेख रेहाना, ब्रिटिश सांसद तुलिप सिद्दीक, रेहाना के बेटे रदवान मुजीब सिद्दीक और 48 अन्य के खिलाफ भी इसी तरह के आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे।
हसीना परिवार पर क्या आरोप हैं?
एंटी करप्शन कमीशन (एसीसी) का आरोप है कि शेख हसीना परिवार ने गुपचुप तरीके से 60 कट्ठा (करीब 1.86 एकड़) सरकारी जमीन अवैध रूप से हड़पी, जो पुरबाचल के सेक्टर 27 के राजनयिक जोन में आती है। इससे पहले, हाई कोर्ट ने एक जांच समिति बनाई थी जिसमें एक पूर्व जज को नियुक्त कर प्लॉट आवंटन की जांच का आदेश दिया गया था।
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हसीना और रेहाना पर कितने केस?
शेख हसीना और उनकी बहन रेहाना के खिलाफ मुझीब शताब्दी समारोह में 4,000 करोड़ टका खर्च करने का भी मामला दर्ज है। ये धनराशि राष्ट्रीय कोष से खर्च की गई, जबकि रेहाना का कोई आधिकारिक पद नहीं था। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने भी शेख हसीना और उनके सहयोगियों के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराध और बलपूर्वक गायब करने जैसे गंभीर आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।
हसीना सरकार का पतन
5 अगस्त 2024 को छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसा के बाद हसीना सरकार गिर गई थी। उसके बाद से शेख हसीना भारत में निर्वासन में रह रही हैं। वहीं एंटी करप्शन कमीशन के अध्यक्ष मोहम्मद अब्दुल मोमेन ने कहा, 'चाहे वो कोई भी हो, अगर वह भ्रष्टाचार में लिप्त है तो कानून की प्रक्रिया एक जैसी होगी।'