बीएलए ने कहा कि अभियान में पाकिस्तानी सेना को हार का सामना करना पड़ा, क्योंकि उसके 354 से अधिक सुरक्षाकर्मी मारे गए। साथ ही 100 से अधिक अन्य घायल हो गए और 214 कर्मियों को बंधक बना लिया गया।
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पाकिस्तानी सेना पर अपनी हार को छिपाने के लिए झूठ और धोखे का सहारा लेने का आरोप लगाते हुए दर-ए-बोलन अभियान के सफल समापन की घोषणा की। उसने कहा, अभियान में दो भाग शामिल थे, पहला चरण फरवरी 2024 में माच शहर पर कब्जे के साथ पूरा हुआ, जबकि दूसरा चरण मार्च 2025 में जालर एक्सप्रेस ट्रेन के अपहरण और हमले के साथ शुरू हुआ।
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बीएलए की सेना का बयान
बीएलए ने कहा कि अभियान में पाकिस्तानी सेना को हार का सामना करना पड़ा क्योंकि उसके 354 से अधिक सुरक्षाकर्मी मारे गए, जबकि 100 से अधिक अन्य घायल हो गए और 214 कर्मियों को बंधक बना लिया गया। उसने कहा, दुश्मन के हठ और युद्धबंदियों के आदान-प्रदान से इन्कार करने के कारण सभी बंधकों को मार दिया गया।
खुद को कहा, अजेय शक्ति
एक बयान में, बीएलए ने खुद को अपनी भूमि की ताकत पर एक अजेय शक्ति बताया। बलोचों के इस गुट ने कहा, तथ्य यह है कि बीएलए अपनी भूमि, लोगों और सार्वजनिक समर्थन की ताकत पर एक अजेय शक्ति बन गई है। हमारा प्रतिरोध बलोचों के राष्ट्र की सामूहिक शक्ति की अभिव्यक्ति है, जिसे किसी बाहरी मदद की आवश्यकता नहीं है।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि बीते 11 मार्चमंगलवार सुबह 9 बजे क्वेटा से पेशावर के लिए रवाना हुई जफर एक्सप्रेस को बीएलए के लड़ाकों ने दोपहर 1:30 बजे सिब्बी रेलवे स्टेशन से पहले अपने कब्जे में ले लिया था। लड़ाकों ने बोलान में माशफाक टनल के पास रेल पटरी उड़ा दी थी और ट्रेन के रुकते ही उस पर कब्जा कर लिया था। बीएलए ने 30 पाकिस्तान सैनिकों को मार गिराने का दावा किया था।