Spy Balloon Incident : किर्बी ने कहा कि यह सच है कि इस गुब्बारे में खुद को गति देने, धीमा करने और मुड़ने की क्षमता थी। इसलिए इसमें प्रोपेलर थे, इसमें एक पतवार थी, अगर आप चाहें तो इसे दिशा बदलने की अनुमति दे सकते थे।
अमेरिका ने निगरानी गुब्बारे का मलबा चीन को लौटाने से इनकार कर दिया है। जासूसी गुब्बारे को दक्षिण कैरोलिना के तट से दूर अटलांटिक महासागर में मार गिराया गया था। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने चीन के संबंधों पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि एक संदिग्ध चीनी जासूसी गुब्बारे को मार गिराए जाने से वाशिंगटन और बीजिंग के बीच संबंध कमजोर नहीं हुए हैं।
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व्हाइट हाउस के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए बाइडन ने कहा कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि गुब्बारे को जितनी जल्दी हो सके मार गिराया जाना चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या गुब्बारे की घटना से अमेरिका-चीन संबंध कमजोर हुए हैं? बाइडन ने कहा कि नहीं, हमने चीन को स्पष्ट कर दिया है कि हम क्या करने जा रहे हैं। वे हमारी स्थिति को समझते हैं। हम पीछे नहीं हटने वाले। हमने सही काम किया और यह कमजोर या मजबूत होने का सवाल नहीं है, यह वास्तविकता है।
इससे पहले अमेरिकी सेना ने निगरानी गुब्बारे के अवशेषों को इकट्ठा करने के अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि मुझे इस तरह के इरादे के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मलबे को वापस करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। किर्बी ने कहा कि यह सच है कि इस गुब्बारे में खुद को गति देने, धीमा करने और मुड़ने की क्षमता थी। इसलिए इसमें प्रोपेलर थे, इसमें एक पतवार थी, अगर आप चाहें तो इसे दिशा बदलने की अनुमति दे सकते थे।
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उत्तरी कमान के कमांडर जनरल ग्लेन वानहर्क के मुताबिक, गुब्बारे की ऊंचाई 200 फीट तक थी। उन्होंने कहा कि इसमें कई हजार पाउंड वजन का पेलोड था, जो मोटे तौर पर एक क्षेत्रीय जेट विमान के आकार का था।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे ने संवाददाताओं से कहा कि हमारा मानना है कि चीन की गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई अमेरिका और दुनिया को दिखाई दे रही थी। इतना ही नहीं, उसी समय एक दूसरे पीआरसी निगरानी गुब्बारे को लैटिन अमेरिका से गुजरते हुए देखा गया था।