टीना की पहली बेटी एमा का जन्म भी इसी तकनीक से 2017 में हुआ। एमा का भ्रूण 24 साल पुराना था। अब 27 साल पुराने भ्रूण से दूसरी बेटी का जन्म हुआ, जो एक रिकॉर्ड है।
क्या है एम्ब्रयो फ्रीजिंग तकनीक
जर्नल ह्यूमन रिप्रोडक्शन के मुताबिक, जब महिला कंसीव करती है, तो भ्रूण का विकास शुरू होता है। गर्भावस्था के 8 हफ्ते तक इसे भ्रूण ही कहते हैं। कई दंपति इस भ्रूण को फ्रीज कराते हैं ताकि भविष्य में जब मां बनना हो, तो इसका प्रयोग कर सकें। इसके अलावा कुछ दंपति इसे डोनेट भी कर देते हैं ताकि बांझपन से जूझ रहीं महिलाएं मां बन सकें। इसका इस्तेमाल रिसर्च में किया जाता है।
कोई महिला भ्रूण को फ्रीज कराना चाहती है, तो उसे पहले डॉक्टर कुछ हार्मोन्स के इंजेक्शन या दवाएं देते हैं। इससे शरीर में एग्स (अंडे) बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। इनका विकास होने के बाद डॉक्टर्स इन अंडों को बाहर निकाल लेते हैं। इनसे भ्रूण को विकसित करके फ्रीज कर लिया जाता है। अगर महिला चाहे तो केवल अंडे को भी फ्रीज करा सकती है। वह जब भी मां बनना चाहे, तो इनका इस्तेमाल कर सकती हैं।
ज्यादातर नौकरी करने वाली महिलाएं 22 से 28 साल की उम्र में एग्स फ्रीज कराती हैं ताकि भविष्य में देर से भी मां बनना चाहें तो बन सकें।