ऑस्ट्रिया के ग्राज शहर स्थित एक स्कूल में मंगलवार को हुई भीषण गोलीबारी में संदिग्ध हमलावर समेत 10 लोगों की मौत हो गई। शहर के मेयर एल्के काहर ने इस घटना को भयानक त्रासदी करार दिया है। बताया गया कि मृतकों में सात छात्र और दो वयस्क शामिल हैं। काहर ने बताया कि 30 लोग घायल हैंै। घटना के वक्त छात्र क्लासरूम में बैठे थे। पुलिस मानती है कि हमलावर ने अकेले ही इस घटना को अंजाम दिया है। देश के आधुनिक इतिहास में यह सबसे भीषण गोलीबारी बताई गई है।
पुलिस ने हत्यारे की सार्वजनिक रूप से पहचान उजागर नहीं की है, लेकिन ऑस्ट्रियाई मीडिया ने अपुष्ट रिपोर्टों का हवाला देते हुए बताया है कि वह एक 22 वर्षीय पूर्व छात्र था जिसने स्कूल में प्रवेश किया और छात्रों पर गोलियां चलाईं। ऑस्ट्रियाई चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने कहा, इस हमले ने हमारे पूरे देश को गहराई तक हिला दिया है। हम सभी इस समय जो दर्द और दुख महसूस कर रहे हैं, उसके लिए कोई शब्द नहीं हैं। साल्जबर्गर नचरिचेन अखबार ने कहा कि संदिग्ध हमलावर पूर्व छात्र ऑस्ट्रियाई युवक था। माना जाता है कि उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं था। उसने हाल ही में एक हथियार खरीदा था। इसमें कहा गया है कि बंदूकधारी बदमाशी का शिकार था। वह एक पिस्तौल और एक बंदूक लेकर आया और दो कक्षाओं में गोलीबारी की। इनमें से एक किसी समय उसकी अपनी कक्षा रही थी।
हेलिकॉप्टर से की गई निगरानी
पुलिस ने ‘एक्स’ पर लिखा कि स्कूल को खाली करा लिया गया है और सभी को सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है। पुलिस और अन्य आपातकालीन वाहन स्कूल के आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा कर रहे हैं और कम से कम एक पुलिस हेलिकॉप्टर क्षेत्र के ऊपर उड़ रहा है। ऑस्ट्रिया का दूसरा सबसे बड़ा शहर ग्राज, देश के दक्षिण-पूर्व में स्थित है और इसकी आबादी लगभग 300,000 है। ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ (ईयू) की प्रवक्ता पाउला पिन्हो ने कहा, हमारी पीड़ित परिवारों से संवेदना है।
देश में तीन दिनों का राष्ट्रीय शोक
ऑस्ट्रियाई चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने देश में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि, इस दौरान ऑस्ट्रियाई ध्वज को आधा झुका दिया जाएगा और बुधवार को सुबह 10 बजे राष्ट्रीय शोक मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह हमारे देश के इतिहास का एक काला दिन है। राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वैन डेर बेलन ने कहा कि इस भयावहता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। ये युवा लोग थे जिनके सामने पूरा जीवन था। यूरोपियन आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक्स पर लिखा, जब स्कूल मौत और हिंसा का स्थान बन जाते हैं, तो इसे बर्दाश्त करना मुश्किल होता है।