ऑस्ट्रेलिया ने भारतीयों द्वारा बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाने वाला नियोक्ता की तरफ से प्रायोजित 457 वीजा कार्यक्रम खत्म कर दिया है। इसकी जगह नया सख्त कार्यक्रम लाया गया है। इसमें अंग्रेजी भाषा में उच्च स्तर की दक्षता और उच्च रोजगार कुशलता होना अनिवार्य है।
इस वीजा कार्यक्रम का इस्तेमाल 95 हजार विदेशी कामगार कर रहे थे। इसे 18 मार्च को खत्म कर दिया गया। इसकी जगह नया कार्यक्रम लाया गया है। इस वीजा को इस्तेमाल करने वाले विदेशियों में अधिकतम भारतीय थे।
इस वीजा कार्यक्रम को 1990 के दशक में शुरू किया गया था। 457 वीजा कार्यक्रम के तहत कंपनियां कुशल रोजगार में चार साल की अवधि के लिए विदेशी व्यक्ति को काम पर रख सकती हैं। कुशल रोजगार में ऑस्ट्रेलिया के कामगारों की कमी है।
सबसे अधिक वीजा धारक थे भारतीय
इस श्रेणी के तहत बहुसंख्यक 21.6 फीसदी वीजा धारक भारतीय थे। इसके बाद ब्रिटेन के 19.5 फीसदी और चीन के 5.8 फीसदी नागरिक थे। इसके तहत वीजा धारकों को अपने करीबी परिजन के साथ ऑस्ट्रेलिया में रहने की अनुमति थी।
इस वीजा कार्यक्रम को कुशल श्रमिकों की खाई भरने के लिए बनाया गया। वहीं इसे आसानी से हासिल करने के कारण इसकी आलोचना की जाती रही। प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल ने गत वर्ष अप्रैल में घोषणा की थी कि उनकी सरकार बढ़ती बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए लोकप्रिय कार्य वीजा कार्यक्रम को खत्म करेगी।