ऑस्ट्रेलिया में विरोध-प्रदर्शन
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ऑस्ट्रेलिया में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन का विरोध कर रहे सैकड़ों लोगों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें से कई पर स्वास्थ्य आदेशों का उल्लंघन करने के लिए जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ प्रदर्शनों में झड़प होने के चलते कम से कम सात पुलिस अधिकारियों का चोटें भी आईं। अधिकारियों ने कई लोगों पर मिर्च का छिड़काव भी किया।
ये प्रदर्शन देशभर के कई शहरों में हुए। सबसे बड़ा और हिंसक प्रदर्शन मेलबोर्न में हुआ। सिडनी में दो महीने से लॉकडाउन लगा हुआ है जबकि मेलबोर्न और राजधानी कैनबरा में इस माह की शुरुआत में लॉकडाउन लगाया गया। लॉकडाउन के नियमों के तहत लोग अपने घरों में कैद हैं और उनकी गतिविधियों में कई तरह की पाबंदियां लग गई हैं।
पाबंदियों के बावजूद सिडनी के न्यू साउथ वेल्स राज्य में शनिवार को एक दिन में संक्रमण के सबसे अधिक 825 नए मामले सामने आए। कई शहरों में अत्यधिक संक्रामक डेल्टा स्वरूप के मामले आ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लॉकडाउन खत्म होना चाहिए लेकिन प्राधिकारियों का कहना है कि वायरस को फैलने से रोकने और लोगों की जान बचाने के लिए यह आवश्यक है।
देश भर में कई जगह रैलियां, गिरफ्तारियां
मेलबोर्न में करीब 4,000 लोगों ने रैली निकाली और प्रदर्शन किया। विक्टोरिया राज्य पुलिस ने 218 लोगों को गिरफ्तार किया और 200 से अधिक जुर्माना लगाया। विक्टोरिया के छह पुलिस अधिकारी अस्पताल में भर्ती है और पुलिस पर कथित तौर पर हमला करने के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। न्यू साउथ वेल्स राज्य में पुलिस ने बताया कि उन्होंने राज्य भर में प्रदर्शन के संबंध में 47 लोगों को गिरफ्तार किया और 260 से अधिक पर जुर्माना लगाया। ब्रिसबेन शहर में लॉकडाउन के खिलाफ 2,000 से अधिक लोग एकत्रित हुए। हालांकि क्वींसलैंड राज्य पुलिस ने बताया कि उन्होंने किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया है।