साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक अब यूरोपीय राजनयिक इस बात को लेकर इच्छुक हैं कि ईयू के साथ बातचीत में खुद शी जिनपिंग शामिल हों। ईयू के मुताबिक इस मामले में प्रोटोकॉल की कोई समस्या नहीं है, क्योंकि ईयू परिषद के अध्यक्ष मिशेल का दर्जा 27 सदस्य देशों के नेताओं से ऊंचा है। इसके अलावा राजनयिकों का कहना है कि जब शी ने पिछले साल मिशेल से तीन बार मुलाकात की थी, तो अब वे ऐसा क्यों नहीं कर सकते।
इस साल शी जिनपिंग की जर्मनी की निवर्तमान चांसलर अंगेला मैर्केल और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ दो बार वीडियो वार्ता हो चुकी है। इस दौरान दोनों पक्षों ने सहयोग बढ़ाने और ईयू-चीन संबंधों का दायरा बढ़ाने की इच्छा जताई। इस बीच बीजिंग स्थित नीदरलैंड्स के राजदूत विम गीर्ट्स ने भी अपील की है कि शी और ईयू नेताओं के बीच सीधी बातचीत हो। उन्होंने कहा कि जब सामने पेचीदा हालात हों, तब आमने-सामने बैठ कर बात करने की जरूरत और बढ़ जाती है।
विश्लेषकों का कहना है कि ऑकुस की खबर आने से ईयू अचंभित रह गया। शंघाई स्थित फुदान यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर यूरोपियन स्टडीज के निदेशक डिंग चुन के मुताबिक दोनों पक्षों में शिखर वार्ता होगी या नहीं, यह ईयू काउंसिल की बैठक से कैसा माहौल बनता है, उस पर निर्भर करेगी। जानकारों के मुताबिक चीन इसी महीने होने वाली ईयू परिषद की शिखर बैठक का इंतजार कर रहा है। वह देखना चाहता है कि उसमें ईयू नेता चीन को लेकर क्या चर्चा करते हैं।