इमरान ने पूछा- हिंसा से किसको सबसे ज्यादा फायदा
सत्तर वर्षीय इमरान खान ने कहा, 'नौ मई को आगजनी के लिए कौन जिम्मेदार था, यह पता लगाने का सबसे आसान तरीका यह है कि हम खुद से अरबों रुपये का सवाल पूछें कि हिंसा से सबसे ज्यादा फायदा किसे हुआ। जाहिर है, यह पीटीआई नहीं थी।' पीटीआई प्रमुख ने यह भी पूछा, '48 घंटे के भीतर (सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले के बाद) कैसे सुनियोजित अभियान चलाया गया। पीटीआई के 10,000 कार्यकर्ताओं, समर्थकों और मीडिया समर्थकों को या तो जेल में डाल दिया गया या अक्षम कर दिया गया। स्पष्ट रूप से यह सब 'पूर्व नियोजित' था।
कानून-प्रवर्तन एजेंसियों पर लगाया तोड़फोड़-लूटपाट का आरोप
खान लाहौर के जमान पार्क स्थित अपने आवास में एक तरह से नजरबंद हैं क्योंकि पंजाब पुलिस ने इसका नियंत्रण अपने हाथ में लिया है और पीटीआई के किसी भी कार्यकर्ता को वहां रहने की अनुमति नहीं है। देश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की आलोचना करते हुए क्रिकेटर से नेता बने इमरान ने कहा, '... हमारे अपने सुरक्षा बल आधी रात को हमारे घरों पर छापा मार रहे हैं, दरवाजे तोड़ रहे हैं, घर में तोड़फोड़ कर रहे हैं और लूटपाट कर रहे हैं।'
महिलाओं के साथ हो रहा दुर्व्यवहार, मिल रही धमकी...
उन्होंने आगे दावा किया, 'महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है, उन्हें परेशान किया जाता है और धमकी दी जाती है, और अगर वह व्यक्ति वहां नहीं है, तो उनके लड़कों, पिता और यहां तक कि नौकरों को भी उठाया जाता है और जेल भेजा जाता है।' खान ने आरोप लगाया कि जब पुलिस उनके बेटे को नहीं ढूंढ सकी तो उनकी बहनों के ड्राइवर और रसोइये रहीम को उठा लिया गया। पीटीआई प्रमुख ने कहा, 'रहीम को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और रिहा होने के बाद से वह वेंटिलेटर पर हैं और जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।' खान ने कहा, 'स्पष्ट रूप से जो लोग आतंक के इस शासन के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें लगता है कि वे कानून से ऊपर हैं।'
खान की गिरफ्तारी के बाद हुए थे देशभर में हिंसक प्रदर्शन
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने सोमवार को एक प्रस्ताव पारित कर नौ मई की हिंसा में शामिल एक राजनीतिक दल के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की। इसमें खान की पीटीआई पार्टी का नाम नहीं लिया गया है। भ्रष्टाचार के एक मामले में इस्लामाबाद में अर्धसैनिक रेंजर्स द्वारा खान की गिरफ्तारी के बाद नौ मई को हिंसक प्रदर्शन हुए थे। उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लाहौर कोर कमांडर हाउस, मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित 20 से अधिक सैन्य प्रतिष्ठानों और सरकारी इमारतों में तोड़फोड़ की। रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर भी पहली बार भीड़ ने हमला किया। खान को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
100 से ज्यादा नेताओं से छोड़ी पीटीआई
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने तब से पाकिस्तान भर में पीटीआई के 10 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, जिनमें से अधिकांश पंजाब से हैं। हिंसा पर सरकार और सेना ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का एलान किया है। पीटीआई के खिलाफ सेना समर्थित कार्रवाई में पार्टी के 100 से अधिक मुख्य नेता और पूर्व सांसद अब तक दल बदल चुके हैं। खान ने घोषणा की है कि वह अपने हितों के लिए लड़ना जारी रखेंगे, भले ही उनकी पार्टी के सभी नेता पद छोड़ दें।