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US: 'ट्रंप प्रशासन के लिए खतरा हैं मुनीर, ईरान से करीबी संबंध', अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का बड़ा दावा

Sun, 19 Apr 2026 04:11 AM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन डीसी।

सार

US: अमेरिका और ईरान के बीच पर्दे के पीछे मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को लेकर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने सतर्क किया है। खुफिया एजेंसियों ने अपनी आकलन रिपोर्ट में मुनीर को संभावित खतरा बताया है। पढ़िए रिपोर्ट-
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आसिम मुनीर - फोटो : एक्स/डीजी आईएसपीआर
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विस्तार
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पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के लिए एक संभावित 'रेड फ्लैग' यानी जोखिम साबित हो सकते हैं। इसकी वजह उनके ईरान के शीर्ष सैन्य नेतृत्व से लंबे समय से संबंध बताए जा रहे हैं। फॉक्स न्यूज की हालिया रिपोर्ट और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की आकलन रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
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फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में ईरानी नेतृत्व से गहरे और लंबे समय से संबंधों के कारण मुनीर को उनके ट्रंप प्रशासन के लिए एक संभावित जोखिम बताया गया है। पाकिस्तान के सेवानिवृत्त जनरल ने फॉक्स न्यूज डिजिटल को बताया कि मुनीर के ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से व्यक्तिगत संबंध रहे हैं, जिनमें कुद्स फोर्स के मारे गए कमांडर कासिम सुलेमानी और आईआरजीसी कमांडर होसैन सलामी शामिल हैं।

पर्दे के पीछे मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे मुनीर
ये संबंध ऐसे समय में चर्चा में हैं, जब मुनीर अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच पीछे वाले दरवाजे से मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। इस भूमिका के तहत वह दोनों देशों के बीच गोपनीय स्तर पर संवाद बनाए रखने और बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
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'मुनीर की दोहरी भूमिका अमेरिकी हितों को पहुंचा सकती है नुकसान'
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से मुनीर की प्रशंसा करते हुए उन्हें अपना 'पसंदीदा फील्ड मार्शल' बताते हैं। लेकिन, खुफिया अधिकारियों का कहना है कि उनकी दोहरी भूमिका अमेरिकी हितों के लिए नुकसानदेह हो सकती है। 

ये भी पढ़ें: ट्रंप ने विवादित विधेयक पर हस्ताक्षर किए, निगरानी कार्यक्रम का 30 अप्रैल तक विस्तार; अब संसद में होगी बहस

पाकिस्तान के ट्रैक रिकॉर्ड पर जताई चिंता
फॉक्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के इतिहास को देखते हुए, खासकर अफगानिस्तान में उसकी भूमिका को लेकर उसे एक 'भरोसेमंद सहयोगी नहीं' माना जा सकता है। इसलिए, उनके ईरान के साथ नजदीकी संबंध को सुरक्षा के लिए जोखिम के रूप में देखा जा रहा है।

विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान का अफगानिस्तान में ट्रैक रिकॉर्ड सावधानी बरतने की वजह है, क्योंकि इस्लामाबाद ने तालिबान का समर्थन किया था और साथ ही अमेरिका से सहायता भी ली थी।
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विशेषज्ञ बिल रोगियो ने कहा कि ट्रंप को पाकिस्तान पर पूरी तरह भरोसा नहीं करना चाहिए और मुनीर के आईआरजीसी से संबंध अमेरिकी प्रशासन के लिए बड़ा खतरा हो सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि मुनीर अपने ट्रंप से रिश्तों का इस्तेमाल ईरान के हितों की रक्षा करने के लिए कर सकते हैं। 

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