दावोस से भारत की आर्थिक तस्वीर साफ होती दिख रही है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत अगले पांच वर्षों में वास्तविक (रियल टर्म्स) में छह से आठ प्रतिशत और नाममात्र (नॉमिनल) आधार पर 10 से 13 प्रतिशत की दर से बढ़ता रहेगा। उन्होंने यह भरोसा मध्यम महंगाई, मजबूत घरेलू मांग और संरचनात्मक सुधारों के आधार पर जताया। यह बयान वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के दौरान दावोस में दिया गया।
2047 तक आय पांच गुना करने का लक्ष्य क्यों अहम?
सीआईआई अध्यक्ष राजीव मेमानी ने कहा कि भारत की प्रति व्यक्ति आय अभी कम है और 2047 तक इसे कम से कम पांच गुना करना होगा। इसके लिए व्यापार संबंधों का विविधीकरण जरूरी है। उन्होंने मिडिल ईस्ट, एशिया पैसिफिक और यूनाइटेड किंगडम के साथ समझौतों को भविष्य की जरूरत बताया। घरेलू स्तर पर श्रम सुधार और जीएसटी जैसे कदमों से उपभोक्ता खाद्य उत्पादों पर कर कम हुए हैं, जिससे मांग बढ़ी है।
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