दक्षिण चीन सागर में सिंगापुर द्वारा आसियान-भारत सामुद्रिक सैन्य-अभ्यास (ऐम) 2023 सफलता से पूरा हुआ। इसमें आईएनएस दिल्ली और आईएनएस सतपुड़ा ने अपनी क्षमताएं प्रदर्शित कीं।
वहीं अपने एकतरफा दावे वाले दक्षिण चीन सागर में भारत की मौजूदगी से चौकन्ने हुए चीन के कुछ जहाज भी सैन्य अभ्यास वाले समुद्र में बेहद करीब नजर आए। इसे चीनी सरकार समर्थित नागरिक सेना द्वारा सैन्य अभ्यास में बाधा पहुंचाने का प्रयास कहा जा रहा है। ऐम 2023 के तहत 2 से 4 मई तक हार्बर चरण और 7 व 8 मई को सामुद्रिक चरण आयोजित हुआ। इससे पहले नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरिकुमार भी तीन दिन के सिंगापुर दौरे पर थे।
चीनी नागरिक सेना की नौकाएं सैन्य अभ्यास क्षेत्र में घुसीं
सूत्रों के अनुसार दक्षिण चीन सागर में सैन्य अभ्यास के दौरान पांच चीनी नौकाएं भारत व आसियान देशों के युद्ध पोतों के मार्ग पर पहुंच गईं। यह सैन्य अभ्यास वियतनाम नियंत्रित आर्थिक जोन में हो रहा था, तभी चीनी नौकाएं वहां पहुंचीं, हालांकि उनका युद्धपोतों से आमना-सामना नहीं हुआ। नौकाओं के पीछे चीनी अध्ययन पोत भी मौजूद था।
दक्षिण चीन सागर में भारत के सैन्य अभ्यास के मायने
ऐम का समुद्री चरण जिस दक्षिण चीन सागर में हुआ, उसके 80 प्रतिशत हिस्से पर चीन अपना अधिकार बताता है। हालांकि यहां मौजूद कई अन्य देश इस अधिकार को मान्यता नहीं देते हैं।
भारत-आसियान देश दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में शांति और स्थायित्व लाने में सक्षम
आसियान देशों की नौसेनाओं के साथ सैन्य अभ्यास पूरा होने पर भारतीय नौसेना ने मंगलवार को कहा कि दोनों पक्षों ने दक्षिण चीन सागर में संयुक्त ताकत के रूप में शांति, स्थायित्व व सुरक्षा पर काम करने की क्षमताएं प्रदर्शित कीं। दो दिवसीय सामुद्रिक सैन्य अभ्यास सोमवार को पूरा हुआ। हाइड्रोकार्बन के बड़े भंडार वाला क्षेत्र कहे जाने वाले दक्षिण चीन सागर के 80% हिस्से पर चीन दावा करता रहा है। यहां हुए सैन्य अभ्यास को इसीलिए अहम माना जा रहा है। वियतनाम, फिलीपींस व ब्रुनेई भी इस क्षेत्र पर दावे रखते हैं। इन तीनों देशों के अलावा इंडोनेशिया, मलयशिया, सिंगापुर, थाईलैंड भी सैन्य अभ्यास में शामिल थे। वहीं चीन के निगरानी जहाज अभ्यास पर नजर रखे हुए थे। भारतीय नौसेना ने कहा कि दो दिवसीय कार्यक्रम में रणनीतिक अभ्यास, हेलिकॉप्टरों से क्रॉस-डैक लैंडिंग, जहाजों का संचालन और अन्य सामुद्रिक गतिविधियों को अंजाम दिया गया।