आसियान महासचिव ने आगे कहा कि आसियान और भारत नए क्षेत्रों पर विचार करने की उम्मीद करते हैं। उन्होंने कहा, 'हम व्यापार से लेकर निवेश, पर्यटन से लेकर रक्षा क्षेत्र और आतंकवाद के खिलाफ सहित अन्य क्षेत्रों में एक साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा 'आसियान एक समुद्री समुदाय है। भारत एक समुद्री राष्ट्र है'।
ऑवरन ने आगे कहा कि आसियान समुद्री क्षेत्र में सहयोग कर सकता है, उदाहरण के लिए, 'समुद्री सहयोग, जो भारत-प्रशांत पर आसियान दृष्टिकोण के तहत चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से एक है।'
हमें अपने सहयोग को गहरा करने की उम्मीद है
ऑवरन ने सहयोग के मौजूदा युग का विस्तार जारी रखने की आशा व्यक्त की। ऑवरन ने जोर देते हुए कहा, निश्चित रूप से, हम सहयोग के मौजूदा युग का विस्तार जारी रखने और अपने सहयोग को गहरा करने की उम्मीद करते हैं,'।
इसके अलावा, उन्होंने कहा, 'सहयोग के नए युग में विस्तार करके, मुझे उम्मीद है कि हम नए क्षेत्रों पर भी ध्यान दे सकते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि आसियान और भारत डिजिटल अर्थव्यवस्था और स्थिरता के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र और लोगों से लोगों के आदान-प्रदान कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं।
हम भारत के साथ अपनी साझेदारी को अत्यधिक महत्व देते हैं
उन्होंने कहा, 'बेशक, हम हमारे (आसियान) और भारत के बीच बढ़ती साझेदारी से लाभान्वित होते हैं और इस समय, हमारे बीच सहयोग के कई तंत्र हैं'। इस साल सितंबर में आयोजित आसियान भारत शिखर सम्मेलन को रेखांकित करते हुए, ऑवरन ने कहा, 'इसीलिए इस साल सितंबर में, हमें जकार्ता में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए खुशी हुई, जहां उन्होंने आसियान भारत शिखर सम्मेलन में भाग लिया। हम भारत के साथ अपनी साझेदारी को अत्यधिक महत्व देते हैं।'