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India China: जयशंकर ने बाली में की चीनी विदेश मंत्री से मुलाकात, सीमा विवाद से जुड़े बकाया मुद्दों पर हुई बात 

Thu, 07 Jul 2022 04:29 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

जयशंकर-वांग वार्ता के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने एक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि जानकारी उचित समय पर जारी की जाएगी।
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चीनी विदेश मंत्री वांग यी और एस जयशंकर(file photo) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को बाली में अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ बातचीत की। इस पर चीन ने कहा कि सीमा पर स्थिति स्थिर है और दोनों देशों में सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता की रक्षा करने की क्षमता और इच्छा है। जयशंकर ने गुरुवार को बाली में अपने चीनी समकक्ष वांग के साथ बाकी मुख्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए बातचीत की। जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों के एक सम्मेलन के इतर बाली में एक घंटे की बैठक के दौरान जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष को पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ सभी बकाया मुद्दों के शीघ्र समाधान की आवश्यकता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंध आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित पर आधारित होने चाहिए।

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चीनी प्रवक्ता ने कहा, उचित समय पर देंगे जानकारी 
जयशंकर-वांग वार्ता के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने एक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि जानकारी उचित समय पर जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि आप की तरह मैं बैठक को बारीकी से देख रहा हूं, हम उचित समय पर सूचना जारी करेंगे। कृपया बने रहें। उन्होंने कहा कि हमने जयशंकर की ब्रीफिंग की प्रासंगिक रिपोर्ट को भी नोट किया है। मैं आपको बता सकता हूं कि भारत-चीन सीमा क्षेत्र में समग्र स्थिति स्थिर है। दोनों पक्षों ने समानता और सुरक्षा के सिद्धांत के साथ हमारी सीमा के पश्चिमी क्षेत्र में प्रासंगिक मुद्दों को ठीक से हल करने के लिए संधियों और समझौतों के अनुसार आगे बढ़ने की बात कही है। 

उन्होंने कहा, चीन और भारत एक दूसरे के महत्वपूर्ण पड़ोसी हैं। हमारे पास अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता की रक्षा करने की क्षमता और इच्छा है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि जयशंकर ने द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल के पूरी तरह से पालन के महत्व की पुष्टि की और उनकी पिछली बातचीत में उनके और वांग के बीच समझ बनी। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि विदेश मंत्री ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी के साथ सभी शेष मुद्दों के जल्द समाधान का आह्वान किया। 
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24 और 25 मार्च को वांग के भारत दौरे के बाद से दोनों विदेश मंत्रियों के बीच यह पहली मुलाकात थी। पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद 5 मई, 2020 को भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच सीमा गतिरोध शुरू हो गया था। 15 जून, 2020 को गलवान घाटी की झड़पों के बाद आमना-सामना और बढ़ गया। दोनों पक्षों ने धीरे-धीरे कई हजार सैनिकों के साथ-साथ भारी हथियारों से अपनी तैनाती बढ़ा दी।

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