संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, 'इस क्षेत्र में आतंकवादी संस्थाओं और आतंकियों तक रासायनिक हथियारों की पहुंच को लेकर भारत बार-बार आगाह करता रहा है।'
इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द लेवेंट (आईएसआईएल) सीरिया में अब भी सक्रिय है। वह लगातार अपनी युद्ध क्षमता बढ़ाने की कोशिश में लगा हुआ है। यह दावा भारत ने संयुक्त राष्ट्र में किया। भारत का कहना है कि आईएसआईएल रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल भी कर सकता है। ऐसे में इस तरफ अतिरिक्त ध्यान देने की जरूरत है। भारत ने दुनिया को चेताया कि उन्हें आतंकवादी संगठनों और आतंकियों की पहुंच रासायनिक हथियारों तक हो सकती है।
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संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, 'इस क्षेत्र में आतंकवादी संस्थाओं और आतंकियों तक रासायनिक हथियारों की पहुंच को लेकर भारत बार-बार आगाह करता रहा है।'
सीरिया के मसले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए तिरुमूर्ति ने कहा कि जांच दल की रिपोर्ट में दाएश/आईएसआईएल (यूनिटाड) द्वारा किए गए अपराधों और रासायनिक हथियारों की तैनाती का बार-बार जिक्र किया गया था। इसके बाद 2014 और 2016 के बीच संयुक्त राष्ट्र ने कई आतंकवादी संगठनों और आईएसआईएल से जुड़े लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया था।
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उन्होंने कहा, 'आईएसआईएल सीरिया में सक्रिय है। यह संगठन अपनी युद्ध क्षमता को बढ़ाने की कोशिशों में लगा हुआ है। इसके अलावा वह कथित रूप से रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल भी कर सकता है, जिस पर बेहद ध्यान देने की जरूरत है।' उन्होंने परिषद को बताया कि भारत किसी के भी द्वारा, कहीं भी, किसी भी समय और किसी भी हालात में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ है।
तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत लगातार यह सुनिश्चित करता रहा है कि रासायनिक हथियारों के उपयोग को लेकर होने की वाली सभी जांच निष्पक्ष, विश्वसनीय और उद्देश्यपूर्ण होनी चाहिए। इस तरह के मामलों में प्रावधानों और प्रक्रियाओं का ईमानदारी से पालन किया जाना चाहिए और निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।