अमेरिका के बाइडन प्रशाासन ने बड़े फैसले किए हैं। राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारतीय मूल के अमेरिकी वकील अरुण सुब्रमण्यम को न्यूयॉर्क का जिला जज मनोनीत किया है।
व्हाइट हाउस ने न्यूयार्क जिला कोर्ट में सुब्रमण्यम के अलावा अन्य अदालतों में मनोनयन को लेकर अपना प्रस्ताव मंगलवार को सीनेट को भेजा। सीनेट की मंजूरी के बाद सुब्रमण्यम न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के लिए अमेरिकी जिला कोर्ट में सेवा देने वाले पहले दक्षिण एशियाई जज होेंगे।
सुब्रमण्यम फिलहाल न्यूयॉर्क में लॉ फर्म सुस्मान गॉडफ्रे एलएलपी में एक भागीदार हैं। यहां वे 2007 से कार्यरत हैं। उन्होंने 2006 से 2007 तक अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस रूथ बेडर गिन्सबर्ग के लिए क्लर्क के रूप में कार्य किया था। इसके पूर्व उन्होंने न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के जस्टिस जेरार्ड ई लिंच के लिए 2005 से 2006 तक काम किया था। 2004 से 2005 तक वे अपीलीय न्यायालय के जज डेनिस जैकब्स के लिए लॉ क्लर्क रहे थे।
कोलंबिया लॉ स्कूल से की पढ़ाई
सुब्रमण्यम ने 2004 में कोलंबिया लॉ स्कूल से जेडी की डिग्री ली और 2001 में केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी से बीए किया था। नेशनल एशियन पैसिफिक अमेरिकन बार एसोसिएशन ने सुब्रमण्यम के मनोनयन पर उन्हें बधाई दी है। एसो. के कार्यवाहक अध्यक्ष एबी क्रूज़ ने कहा कि सुब्रमण्यम एक अनुभवी वकील हैं, उनका निस्वार्थ सेवा का एक मजबूत रिकॉर्ड है।
इंडियन-अमेरिकीन इम्पैक्ट ने भी सुब्रमण्यम के मनोनयन का स्वागत किया है। संगठन के कार्यकारी निदेशक नील माखीजा ने कहा कि दक्षिण एशियाई और एशियाई अमेरिकियों को लंबे समय से अमेरिकी संघीय न्यायपालिका में कम प्रतिनिधित्व दिया गया है। जिला न्यायाधीशों के मामले में तो यह पांच प्रतिशत से भी कम है, लेकिन पिछले एक साल में हमनें ऐतिहासिक प्रगति की है। हमें जश्न मनाने के लिए सुब्रमण्यम के मनोनयन की अंतिम पुष्टि का इंतजार है।
एक अन्य अहम फैसले में अमेरिकी सरकार ने देश में सेमीकंडक्टर्स की उत्पादन इकाइयां स्थापित करने और इनका घरेलू उत्पादन बढ़ाने के कई कदम उठाए हैं। बता दें, ताइवान सेमीकंडक्टर्स का सबसे उत्पादक है। ये ऑटोमोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए बेहद जरूरी हैें। चीन के साथ जारी ताइवान के टकराव को देखते हुए बाइडन सरकार का इनका उत्पादन बढ़ाने का फैसला संभावित कमी के मद्देनजर अहम है।
विश्व के सेमीकंडक्टर्स का 25 फीसदी उपयोग करता है अमेरिका
अमेरिका दुनिया के 25 फीसदी से ज्यादा सेमीकंडक्टर्स चिप्स का उपयोग करता है, लेकिन इसका उत्पादन देश में बहुत मामूली है। ऐसे में यह राष्ट्रीय सुरक्षा के जोखिम है। अमेरिकी व्यापार विभाग सचिव जीना रायमोंडो ने मंगलवार को कहा कि इस क्षेत्र में विभाग की 50 अरब डॉलर की योजना बनाई है। राष्ट्रपति बाइडन ने पिछले माह घरेलू हाई टेक चिप्स उत्पादन इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए 280 अरब डॉलर के चिप्स बिल पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका मकसद सेमीकंडक्टर्स उत्पादन क्षेत्र मे चीन कें एकाधिकार को झटका देना है। रायमोंडो ने कहा कि पिछले साल कारों व घरेलू उपकरणों के लिए चिप्स की भारी किल्लत हो गई थी। इसके कारण इनके दाम बहुत बढ़ गए थे। ताजा फैसले के अनुसार 50 अरब डॉलर के निवेश से अमेरिका में चिप्स उत्पादन का विस्तार किया जाएगा।