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अनुच्छेद 370: भारत सरकार के फैसले पर पाकिस्तानी मीडिया ने क्या कहा?

Mon, 05 Aug 2019 09:01 PM IST
प्रदीप पांडे न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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pakistani media on article 370 - फोटो : amar ujala
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नरेंद्र मोदी सरकार ने कश्मीर को लेकर एतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने आज राज्यसभा में कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल पेश कर दिया है जिसके तहत अनुच्छेद 370 को खत्म किया जाएगा। गृह मंत्री ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 370 के खंड 1 के सिवा इस अनुच्छेद के सारे खंडों को रद्द करने की सिफारिश की। अब भारत सरकार के इस फैसले पर पाकिस्तानी मीडिया में क्या चल रहा है? आइए जानते हैं...

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डॉन ने क्या लिखा?

dawn - फोटो : dawn
पाकिस्तान की प्रमुख वेबसाइट ने भारत सरकार के फैसले के बाद रिपोर्ट लगाई है कि संसद में भारी विरोध के बीच कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के लिए प्रस्ताव पेश किया। रिपोर्ट में आगे लिखा गया है कि यदि जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा खत्म होता है तो भारत के किसी भी शहर और राज्य के लोगों को कश्मीर में संपत्ति हासिल करने और वहां स्थायी रूप से बसने का अधिकार होगा। वहीं कश्मीरियों को डर है कि यह राज्य बहुसंख्यक मुस्लिम से बहुसंख्यक हिंदू में ना बदल जाए।
 

अनुच्छेद 370 पर भारत का फैसला संयुक्त राष्ट्र के खिलाफ देशद्रोह: शहबाज

geo tv - फोटो : geo tv
अनुच्छेद 370 पर भारत सरकार के फैसले पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष और विपक्षी नेता शहबाज शरीफ ने कड़े शब्दों में निंदा की है। जियो टीवी की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा है कि यह अनुच्छेद 370 पर भारत का फैसला अस्वीकार्य है और यह संयुक्त राष्ट्र के खिलाफ देशद्रोह का मामला है। शहबाज ने भारत सरकार के इस फैसले पर निंदा करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक आपातकालीन सत्र की तत्काल मांग की है और चीन, रूस, तुर्की, सऊदी अरब जैसे मित्र देशों के साथ इस मसले पर परामर्श के लिए पाकिस्तानी नेताओं से अपील की है।

पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस

पड़ोसी देश पाकिस्तान की मीडिया और आम लोगों में भी अनुच्छेद-370 खत्म किए जाने को लेकर खासी हलचल है। पाकिस्तान के अखबार एक्सप्रेस ने लिखा है- भारत ने कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किया।

अखबार लिखता है कि अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के कारण फलस्तीनियों की तरह कश्मीरी भी अब बेवतन हो जाएंगे, क्योंकि करोड़ों की संख्या में गैर-कश्मीरी वहां बस जाएंगे और उनकी जमीन, संसाधनों और नौकरी पर कब्जा कर लेंगे।

अखबार लिखता है कि भारत सरकार के इस फैसले से कश्मीर की आबादी, भौगोलिक और धार्मिक स्थिति सबकुछ बदल जाएगी।

पाकिस्तानी अखबार 'डॉन'

पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' ने लिखा है, "भारत ने संसद में भारी विरोध के बीच कश्मीर का खास दर्जा खत्म करने के लिए प्रस्ताव पेश किया।" अखबार लिखता है कि अब कश्मीरियों को ये डर सता रहा है कि यह इलाका मुसलमान बहुल होने के बजाय हिंदू बहुल हो जाएगा।

द नेशन

'द नेशन' की हेडलाइन है: भारत सरकार ने अपने संविधान से अनुच्छेद 370 खत्म करने का ऐलान किया।
'पाकिस्तान टुडे' ने लिखा है, "अमित शाह के ऐलान के बाद जम्मू-कश्मीर में तनाव फैल गया है।''

बिलावल भुट्टो

पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने #KashmirBleeds के साथ ट्वीट किया, "भारतीय कश्मीर में लोगों पर लगातार अत्याचार हो रहा है। अतिवादी भारतीय सरकार के इरादे साफ हैं। कश्मीर में भारत की आक्रामकता के मद्देनजर राष्ट्रपति को संसद का संयुक्त सत्र तुरंत बुलाना चाहिए।"

माहिरा खान

पाकिस्तान की जानी मानी फिल्म और टीवी अदाकारा माहिरा खान ने कश्मीरियों के समर्थन में ट्वीट किया है। माहिरा ने लिखा है कि क्या हमने पूरी तरह उन चीजों को भुला दिया है जिनके बारे में हम बात नहीं करना चाहते हैं। लेकिन ये सिर्फ रेत पर खिंची लकीरें नहीं है, ये मासूम लोगों के मारे जाने का सवाल है। जन्नत(कश्मीर) जल रही है और हम खामोशी से रो रहे हैं।

अंदलीब अब्बास

अंदलीब अब्बास ने लिखा है, "भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा का स्रोत हिंदू और फासीवादी आरएसएस है। वे लोग कश्मीरियों को प्रताड़ित करने और आतंकित करने के नए तरीके ढूंढ रहे हैं। आर्टिकल 35A और 370 को हटाने से इलाके में शांति भंग होगी...ये दुनिया शांत क्यों है?''

हामिद मीर

पाकिस्तान के जाने-माने पत्रकार हामिद मीर ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त राष्ट्र को टैग करते हुए लिखा है, "भारत सरकार ने अपने संविधान से अनुच्छेद 370 हटाने की कोशिश करके एक जंग छेड़ दी है।"
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आजाद एसा

पत्रकार आजाद एसा ने ट्वीट किया है, "...और इन सबके बीच भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कश्मीर में सेना के साथ वक्त बिता रहे हैं और इधर ये जुल्म हो रहा है। खेल, राष्ट्रवाद, पौरुष, नायकत्व, नफरत और फासीवाद...ये सब आपस में उलझे हुए हैं।"
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