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NASA Moon Mission: चांद के करीब पहुंचा आर्टेमिस II, अपोलो 13 का तोड़ेगा रिकॉर्ड; एस्ट्रोनॉट को हुई बड़ी दिक्कत

Sun, 05 Apr 2026 06:35 AM IST
Pavan वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ह्यूस्टन

सार

नासा का चंद्र मिशन आर्टेमिस II लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इस मिशन को पूरा करते ही आर्टेमिस II 54 साल पहले अपोलो 17 के रिकॉर्ड को तोड़ देगा। नासा की तरफ से इस मिशन और अंतरिक्ष यात्रियों पर पूरी नजर रखी जा रही है। हालांकि, अंतरिक्ष यात्रियों को इस यात्रा के दौरान एक बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ा है। पढ़ें
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नासा का आर्टेमिस-II मिशन - फोटो : X @NASA
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विस्तार
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चांद की ओर बढ़ रहा आर्टेमिस II मिशन अब इतिहास रचने के करीब पहुंच गया है। यह मिशन 53 साल बाद इंसानों को फिर से चांद के पास ले जा रहा है और इससे उम्मीदें काफी बड़ी हैं। इस मिशन में तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जो सोमवार तक चांद के पास पहुंच जाएंगे। वे चांद के उस हिस्से की तस्वीरें लेंगे, जिसे पृथ्वी से नहीं देखा जा सकता। यह मिशन नासा के पुराने अपोलो प्रोग्राम के बाद अगला बड़ा कदम माना जा रहा है। अंतरिक्ष यात्री विक्टर ग्लोवर ने बताया कि जैसे-जैसे वे आगे बढ़ रहे हैं, पृथ्वी छोटी दिख रही है और चांद बड़ा होता जा रहा है। यह अनुभव उनके लिए बेहद खास है। 
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मिशन के दौरान अंतरिक्ष यान में आई एक परेशानी
हालांकि मिशन के दौरान एक छोटी परेशानी भी सामने आई है। अंतरिक्ष यान ओरियन का टॉयलेट ठीक से काम नहीं कर रहा है। लॉन्च के बाद से इसमें बार-बार दिक्कत आ रही है। इंजीनियरों को शक है कि पाइप में बर्फ जमने से समस्या हो रही है। फिलहाल अंतरिक्ष यात्रियों को बैकअप तरीके इस्तेमाल करने पड़ रहे हैं। नासा के अधिकारियों का कहना है कि अंतरिक्ष में टॉयलेट सिस्टम संभालना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन टीम इस स्थिति को अच्छे से संभाल रही है।



अपोलो 13 मिशन के रिकॉर्ड को तोड़ने की तैयारी
यह मिशन एक नया रिकॉर्ड भी बनाने जा रहा है। आर्टेमिस II करीब 4 लाख किलोमीटर दूर तक जाएगा, जो अब तक इंसानों द्वारा तय की गई सबसे ज्यादा दूरी होगी। इससे पहले यह रिकॉर्ड अपोलो 13 मिशन के नाम था। इस मिशन की एक खास बात यह भी है कि इसमें कनाडा के जेरेमी हैनसेन शामिल हैं, जो चांद की ओर जाने वाले पहले गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं। वहीं क्रिस्टीना कोच पहली महिला और विक्टर ग्लोवर पहले अश्वेत (ब्लैक) अंतरिक्ष यात्री हैं, जो इस मिशन का हिस्सा हैं।
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प्रशांत महासागर में लैंड करने आर्टेमिस II मिशन
करीब 10 दिन के इस मिशन के बाद 10 अप्रैल को अंतरिक्ष यान प्रशांत महासागर में उतरकर पृथ्वी पर लौटेगा। नासा का यह मिशन भविष्य में चांद पर स्थायी बेस बनाने की दिशा में पहला बड़ा कदम है। एजेंसी का लक्ष्य है कि 2028 तक चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास इंसानों की लैंडिंग कराई जाए।
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