क्या तेहरान पर अमेरिकी हमले में कई ईरानी सैन्य अधिकारी मारे गए? पहले 48 घंटों की चेतावनी और फिर अब राष्ट्रपति ट्रंप के इस दावा ने पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर वैश्विक चिंताओं को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा?
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपने 38वें दिन में प्रवेश कर रहा है और पूरे क्षेत्र में तनाव अब भी चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा सामने आया है। उन्होंने कहा कि तेहरान में हुए एक बड़े हमले में ईरान के कई सैन्य अधिकारी मारे गए हैं।
ट्रंप पहले दी 10 दिनों का अल्टीमेटम दे चुके
इससे पहले ट्रंप ईरान को 10 दिन का अल्टीमेटम दे चुके थे। उन्होंने 26 मार्च को यह भी कहा था कि बातचीत को मौका देने के लिए ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले 10 दिन के लिए रोके जा रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक, यह फैसला ईरान के कहने पर लिया गया था और बातचीत अच्छी चल रही थी।
ये भी पढ़ें:- चिंताजनक: कच्चे तेल की महंगाई से थाली पर संकट के संकेत, उर्वरक लागत भी बढ़ी; कृषि संगठन की रिपोर्ट ने चेताया
होर्मुज को लेकर चिंता अभी भी वैश्विक चिंता बरकरार
गौरतलब है कि बीते एक महीने से भी ज्यादा समय से चल रहे पश्चिम एशिया संघर्ष ने एक साथ कई सारी वैश्विक चिंताओं को जन्म दे दिया है। इसका बड़ा कारण होर्मुज है। दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम रास्ता है। इसे लेकर अमेरिका लगातार ईरान पर दबाव बना रहा है। अब ट्रंप का नया 48 घंटे का अल्टीमेटम इस पूरे विवाद को और गंभीर बना रहा है। हालात को देखते हुए क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।