स्थानीय लोगों ने रविवार देर रात बताया कि हथियारबंद चरमपंथी अपने सामान के साथ दीर जिले के रास्त अफगानिस्तान के लिए रवाना हुए। सुरक्षा बलों ने मट्टा तहसील की कनाला पहाड़ियों में उन चरमपंथियों के खिलाफ एक अभियान की योजना बनाई थी।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षाबल आतंक रोधी अभियान चलाने जा रहे थे लेकिन इससे पहले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) संगठन के करीब पचास हथियारबंद चरमपंथी अफगानिस्तान भाग गए। स्थानीय लोगों ने यह जानकारी दी।
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संघर्ष विराम के मद्देनजर पाकिस्तान लौटे थे चरमपंथी
स्थानीय लोगों ने रविवार देर रात बताया कि हथियारबंद चरमपंथी अपने सामान के साथ दीर जिले के रास्त अफगानिस्तान के लिए रवाना हुए। सुरक्षा बलों ने मट्टा तहसील की कनाला पहाड़ियों में उन चरमपंथियों के खिलाफ एक अभियान की योजना बनाई थी जो टीटीपी और पाकिस्तान सरकार के बीच संघर्ष विराम के मद्देनजर अफगानिस्तान से अपने मूल इलाकों में लौटे थे।
चरमपंथियों की वापसी का बड़े पैमाने पर हुआ विरोध
सुरक्षाबलों ने चरमपंथियों को पाकिस्तान छोड़ने के लिए 13 अगस्त की समयसीमा दी थी। स्वात के स्थानीय लोगों ने पहले अपने क्षेत्रों में चरमपंथियों की वापसी का बड़े पैमाने पर विरोध किया था और उन्हें जल्द से जल्द निकालने का आह्वान किया था। सुरक्षा बलों और पुलिस ने पिछले हफ्ते स्वात जिले के उन इलाकों में छापेमारी की थी जहां स्थानीय समुदाय ने चरमपंथियों को देखा था।
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डीएसपी समेत छह पुलिस अधिकारियों को बनाया था बंधक
पिछले हफ्ते कनाला के पहाड़ों में सुरक्षा बलों के साथ झड़प में चरमपंथियों ने एक घायल पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सहित कुछ पुलिस अधिकारियों को बंधक बना लिया था। हालांकि बाद में बातचीत के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। डीएसपी को रिहाई के बाद स्वात के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। टीटीपी पाकिस्तान में प्रतिबंधित संगठन है।