पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने प्रधानमंत्री इमरान खान के भतीजे हसन नियाजी सहित सात अन्य वकीलों की अग्रिम जमानत के खिलाफ लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। दरअसल पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी (पीआईसी) में डॉक्टरों की पिटाई और तोड़फोड़ के मामले में ट्रायल कोर्ट ने सातों को अग्रिम जमानत दे दी थी।
पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि निचली अदालत ने बिना सोचे-समझे आरोपियों को जल्दबाजी में जमानत दे दी। उल्लेखनीय है कि करीब 200 वकीलों ने डॉक्टरों से तकरार के दौरान 11 दिसंबर को पीआईसी में डॉक्टरों से मारपिटाई के अलावा बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की थी और दर्जनों वाहनों को आग लगा दी थी। उस हमले के बाद 52 वकीलों को गिरफ्तार किया गया था।