तालिबान ने शुक्रवार को कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र उसके प्रतिनिधि सुहैल शाहीन को मान्यता दे तो वह अमेरिका व यूरोपीय संघ सहित सभी देशों के साथ रिश्तों में सुधार लाने की कोशिश करेगा। तालिबान के सूचना व संस्कृति उप-मंत्री जबीहुल्ला मुजाहिद ने मित्र देशों से संयुक्त राष्ट्र में सीट हासिल करने के लिए मदद देने की अपील भी की। मुजाहिद ने दावा किया, संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधित्व तालिबान का हक है।
तालिबान ने ताकत का बेवजह इस्तेमाल करने वाले और हिंसा में लिप्त अपने लड़ाकों को आगाह किया है। तालिबान के रक्षा मंत्री मुल्ला मोहम्मद याकूब ने लड़ाकों से लोगों को दी गई आममाफी का सम्मान करने, घरों में घुसकर लोगों को परेशान करने और वीडियो बनाने व तस्वीरें नहीं लेने के लिए कहा है। याकूब ने एक ऑडियो संदेश में कहा, कई लड़ाकों द्वारा हिंसा करने और हत्याएं किए जाने की शिकायतें मिली हैं। तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर के बेटे याकूब ने चेतावनी दी कि बिना इजाजत किसी को मौत की सजा देने और संगठन की तरफ से दी गई आममाफी के बावजूद बदला लेने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। खामा प्रेस की खबर के मुताबिक, याकूब ने लड़ाकों से कहा- ठीक से व्यवहार करें। इस्लामी अमीरात को अपनी हरकतों से बदनाम न करें।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अफगानी नागरिकों को और अफगानिस्तान के प्रति जवाबदेही से खुद को मुक्त नहीं कर सकता। युद्ध से जर्जर हो चुके देश में 20 साल तक सैन्य दखल के बाद उन्हें ऐसे नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से काबुल के साथ संपर्क बनाए रखने की अपील की। एक्सप्रेस ट्रिब्यून समाचार पत्र के मुताबिक इमरान खान ने कहा है कि दशकों से जारी युद्ध ने अफगानिस्तान को आर्थिक, सामाजिक रूप से तोड़ दिया है। ऐसे में क्षेत्र में शांति और स्थिरता की किरण नजर आ रही है। उन्होंने चेताया कि यदि अफगानिस्तान को लेकर क्षेत्रीय और वैश्विक ताकतों में रस्साकशी जारी रही तो इससे अफगानिस्तान के हालात और खराब होंगे।