अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने रविवार को अपने चीनी समकक्ष किन गैंग के साथ बातचीत की। इस दौरान दोनों के बीच ताइवान, यूक्रेन युद्ध सहित कई मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। इससे पहले ब्लिंकेन आज सुबह ही चीन पहुंचे थे। उन्होंने राजकीय रात्रिभोज में शामिल होने के अलावा किन के साथ लंबी बातचीत की।
ब्लिंकन की बीजिंग की दो दिवसीय यात्रा ऐसे वक्त हो रही है, जब भारत के प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की राजकीय यात्रा करने वाले हैं। इस दौरान पीएम मोदी 22 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ बैठक और डिनर करेंगे। दोनों के बीच रक्षा सहयोग को गहरा करने और अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के क्वाड गठबंधन को मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है। चीन का आरोप है कि इसका उद्देश्य चीन को रोकने के लिए किया गया है।
ब्लिंकन की बीजिंग यात्रा से पहले अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा था कि पीएम मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान अमेरिका भारतीय संबंधों में ऐतिहासिक सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद करता है। सुलिवन ने ब्लिंकन की चीन यात्रा को ज्यादा महत्व नहीं दिया। हालांकि, उन्होंने 16 जून को टोक्यो में संवाददाताओं से कहा था कि ब्लिंकेन की चीन यात्रा एक महत्वपूर्ण घटना होगी, लेकिन जब अमेरिकी विदेश नीति की बात आती है, तो यह अगले सप्ताह की सबसे महत्वपूर्ण घटना भी नहीं हो सकती। ब्लिंकन बाइडन प्रशासन के सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिन्होंने बीजिंग की यात्रा की है।
अपनी यात्रा से पहले ब्लिंकन ने बुधवार को किन के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने एक-दूसरे की नीतियों पर अपनी चिंताओं को साझा किया था। किन ने ब्लिंकेन से कहा था कि अमेरिका को ताइवान के सवाल पर चीन की स्थिति का सम्मान करना चाहिए, चीन के आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करना चाहिए और प्रतिस्पर्धा के नाम पर चीन की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों को कमजोर करना बंद करना चाहिए। चीन ताइवान के स्वशासित द्वीप को चीन की मुख्य भूमि का हिस्सा बताता है।
चीनी राष्ट्रपति शी से करेंगे मुलाकात
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ब्लिंकन सोमवार को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की विदेश नीति के प्रमुख वांग यी से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा उनके चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने की उम्मीद है।
चीनी जासूसी गुब्बारे की वजह से स्थागित हुई थी यात्रा
इससे पहले, वह फरवरी 2023 में चीन का दौरा करने वाले थे, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका पर एक संदिग्ध चीनी जासूसी गुब्बारे के बाद इसे स्थगित कर दिया गया, जिससे जो बाइडन प्रशासन ने नाराजगी जताई।