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UN: 'बेरुत में बढ़ते हमले परेशान करने वाले', यूएन महासचिव गुटेरस ने अफगान महिलाओं के हालात पर भी जताई चिंता

Sun, 29 Sep 2024 06:39 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'मैं पिछले 24 घंटों में बेरुत में घटनाओं के नाटकीय रूप से बढ़ने से बहुत चिंतित हूं। हिंसा का यह चक्र अब रुकना चाहिए। सभी पक्षों को इसके कगार से पीछे हटना चाहिए।' 
 
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस - फोटो : ANI/@antonioguterres
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विस्तार
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गटेरस ने मध्य पूर्व में बढ़ती हिंसा पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सभी पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने का आग्रह किया है। यूएन महासचिव गुटेरस की यह टिप्पणी लेबनान की राजधानी बेरुत में इस्राइली हवाई हमलों के बाद आई है, जिसमें हिजबुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला मारा गया। इस दौरान यूएन महासचिव ने अफगानिस्तान की स्थिति पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। अफगान महिलाओं के विरुद्ध प्रतिबंधों की तुलना गुटेरस ने हाल के इतिहास में उत्पीड़न की कुछ सबसे गंभीर प्रणालियों से की है। 

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'मैं पिछले 24 घंटों में बेरुत में घटनाओं के नाटकीय रूप से बढ़ने से बहुत चिंतित हूं। हिंसा का यह चक्र अब रुकना चाहिए। सभी पक्षों को इसके कगार से पीछे हटना चाहिए।' उन्होंने कहा कि लेबनान और इस्राइल के लोगों के साथ ही व्यापक क्षेत्र एक पूर्ण युद्ध का जोखिम नहीं उठा सकते हैं। 

यूनिसेफ ने भी बेरुत में इस्राइली हवाई हमलों पर जताई चिंता
इस बीच, यूनिसेफ ने भी बेरुत में इस्राइली हवाई हमलों पर चिंता व्यक्त की है। साथ ही हाल ही में हुई हिंसा की निंदा की, जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई। यूनिसेफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'लेबनान में त्रासदी के बाद त्रासदी। हाल ही में हुई वृद्धि ने हजारों लोगों को मार डाला और घायल कर दिया। बढ़ते हमलों ने लोगों में एक अकल्पनीय भय पैदा कर दिया है। लेबनान के बच्चों को तत्काल तनाव कम करने की आवश्यकता है।'
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अफगान महिलाओं के विरुद्ध प्रतिबंध तुरंत हटने चाहिए: गुटेरस
उधर, अफगानिस्तान में महिलाओं के विरुद्ध प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने चिंता जाहिर की। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'अफगानिस्तान में जो हो रहा है उसकी तुलना हाल के इतिहास में उत्पीड़न की कुछ सबसे गंभीर प्रणालियों से की जा सकती है। मैं उन सभी देशों और संगठनों के साथ शामिल हूं जो मांग कर रहे हैं कि वास्तविक अधिकारी महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ सभी भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों को तुरंत हटा दें।'



तालिबान ने अफगानिस्तान में नए कानून की पिछले महीने की थी घोषणा
बता दें कि 21 अगस्त को तालिबान ने घोषणा की कि अफगानिस्तान में 'सद्गुण के प्रचार और बुराई की रोकथाम' पर एक नया कानून लागू होगा। संबंधित मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए कानून में महिलाओं को अपने शरीर और चेहरे को पूरी तरह से ढंकने के साथ ही ऊंची आवाज में बोलने और गाने की अनुमति नहीं दी गई है। आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित कानून का दस्तावेज इस्लामी शरिया कानून की अपनी व्याख्या को लागू करता है। 

आधिकारिक राजपत्र के अनुसार, अफगान महिलाओं की आवाज को 'अवरा' या अंतरंग अंग माना गया है। इसे केवल आवश्यकता पड़ने पर ही अनुभव किया जा सकता है। शरिया कानून में हिजाब से संबंधित आदेशों का भी वर्णन किया गया है। इसके तहत महिला के चेहरे के साथ ही पूरे शरीर को ढंकना आवश्यक है। शरिया कानून का उल्लंघन करने पर तालिबान के मुहतासीब या नैतिकता पुलिस द्वारा सजा का प्रावधान किया गया है।  

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