महिला एवं बाल कल्याण विभाग की तरफ से जारी बयान के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने सोमवार को आयोजित सत्र में लैंगिक समानता हासिल करने और सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा को साकार करने में वैश्विक प्रगति व निरंतर चुनौतियों पर बात रखी। मंत्री ने बीजिंग घोषणापत्र में उल्लिखित 12 महत्वपूर्ण चिंता के क्षेत्रों को संबोधित करने में भारत की महत्वपूर्ण प्रगति पर बल दिया।
महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि भारत महिला कल्याण, सशक्तीकरण व लैंगिंक समानता के लिए प्रतिबद्ध है। वह संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में महिला स्थिति आयोग (सीएसडब्ल्यू) के 69वें सत्र को संबोधित कर रही थीं।
महिला एवं बाल कल्याण विभाग की तरफ से जारी बयान के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने सोमवार को आयोजित सत्र में लैंगिक समानता हासिल करने और सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा को साकार करने में वैश्विक प्रगति व निरंतर चुनौतियों पर बात रखी। मंत्री ने बीजिंग घोषणापत्र में उल्लिखित 12 महत्वपूर्ण चिंता के क्षेत्रों को संबोधित करने में भारत की महत्वपूर्ण प्रगति पर बल दिया। उन्होंने महिलाओं व बच्चों के अधिकारों, अवसरों व समग्र विकास को आगे बढ़ाने की भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई।
मंत्री ने प्रमुख पहलों पर डाला प्रकाश
मंत्री ने देश भर में महिलाओं व बच्चों के लिए स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा तथा आर्थिक सशक्तीकरण तक पहुंच में सुधार लाने में योगदान देने वाली प्रमुख पहलों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने इन कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन व व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के महत्व पर बल दिया, ताकि प्रत्येक महिला व लड़की अपने अधिकारों का पूरी तरह से उपयोग कर सकें। लैंगिक समानता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं व बच्चों का कल्याण राष्ट्र की प्रगति का केंद्रबिंदु है।