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अमेरिका: एरिजोना में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी चुनाव में भारतवंशी अमीश शाह जीते, अब किससे होगा मुकाबला?

Thu, 23 Jul 2026 09:11 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, फिनिक्स (एरिजोना)

सार

भारतवंशी अमीश शाह ने एरिजोना में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी चुनाव में जीत दर्ज कर पार्टी नेतृत्व को चौंका दिया। डीसीसीसी के समर्थन वाले उम्मीदवार की हार ने अमेरिकी राजनीति में मतदाताओं के बदलते रुख संकेत दिए हैं। पढ़िए रिपोर्ट-
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अमीश शाह - फोटो : एक्स/अमिश शाह
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विस्तार
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भारतीय मूल के अमीश शाह ने बुधवार को एरिजोना के एक अहम कांग्रेस (संसद) क्षेत्र में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी चुनाव में जीत हासिल की है। यह काफी कड़ा मुकाबला था। शाह की जीत से डेमोक्रेटिक कांग्रेसनल कैंपेन कमेटी (डीसीसीसी) को झटका लगा है, क्योंकि उसने शाह के प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार का समर्थन किया था। यह नतीजा ऐसे समय आया है, जब ज्यादा से ज्यादा मतदाता वाशिंगटन में पार्टी नेताओं की पसंद को खारिज कर रहे हैं।
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आपातकालीन चिकित्सक अमीश शाह अब आम चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार जे फीली का सामना करेंगे। फीली नेशनल फुटबॉल लीग (एनएफएल) के पूर्व खिलाड़ी हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्राइमरी चुनाव में उनका समर्थन किया था। राजनीति में विरोधी बनने से पहले फीली और शाह एक ही टीम न्यूयॉर्क जेट्स का हिस्सा थे। शाह टीम के किनारे तैनात डॉक्टर थे, जबकि फीली टीम के किकर थे।

डीसीसीसी ने किस उम्मीदवार का साथ दिया था?
डीसीसीसी ने मार्लीन गैलन-वूड्स का समर्थन किया था। वह पहले रिपब्लिकन पार्टी में थीं और ट्रंप के पहले कार्यकाल की शुरुआत में डेमोक्रेटिक पार्टी में शामिल हो गई थीं।
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क्यों अहम माना जा रहा था यह मुकाबला?
पहले कांग्रेस क्षेत्र के लिए यह मुकाबला काफी अहम माना जा रहा था। इस क्षेत्र में उत्तर-पूर्वी फीनिक्स, स्कॉट्सडेल, फाउंटेन हिल्स और पैराडाइज वैली जैसे समृद्ध इलाके शामिल हैं। माना जा रहा है कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा, इसे तय करने में यह चुनाव भूमिका निभा सकता है। हालांकि, इस क्षेत्र में रिपब्लिकन मतदाता ज्यादा हैं, लेकिन पिछले एक दशक में यहां के लोगों की राजनीतिक सोच कुछ हद तक बदली है।

यह सीट खाली हुई है क्योंकि रिपब्लिकन सांसद डेविड श्वाइकर्ट ने गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ा था। लेकिन मंगलवार को रिपब्लिकन प्राइमरी में वह एंडी बिग्स से हार गए।

डीसीसीसी के फैसले पर क्यों उठे सवाल?
डीसीसीसी के गैलन-वूड्स को समर्थन देने के फैसले से स्थानीय डेमोक्रेट्स हैरान थे। इसकी वजह यह थी कि गैलन-वूड्स और शाह की राजनीतिक सोच में ज्यादा अंतर नहीं था। दोनों ही बीच की राजनीतिक सोच रखने वाले उम्मीदवार हैं। यह चुनाव डेमोक्रेटिक पार्टी में बढ़ते प्रगतिशील और मध्यमार्गी नेताओं के बीच विवाद का हिस्सा भी नहीं था।

यह मुकाबला कुछ हद तक 2024 के चुनाव जैसा था। उस समय शाह ने कई उम्मीदवारों के बीच हुए प्राइमरी मुकाबले में मामूली अंतर से जीत हासिल की थी। उस चुनाव में गैलन-वूड्स भी शामिल थीं। हालांकि, आम चुनाव में शाह हार गए थे। उस साल डीसीसीसी ने प्राइमरी में किसी उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया था, लेकिन आम चुनाव में शाह का साथ दिया था।

मई में जब डीसीसीसी ने गैलन-वूड्स को समर्थन देने का एलान किया, तो डीसीसीसी की अध्यक्ष और अमेरिकी सांसद सुजान डेलबेनी ने उनके टीवी पत्रकारिता के अनुभव की तारीफ की, लेकिन शाह के बारे में कुछ नहीं कहा।

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शाह ने मंगलवार रात समर्थकों से कहा, मैं अपनी पार्टी की पहली पसंद नहीं था। लेकिन मैं पार्टी के स्थापित नेतृत्व के खिलाफ खड़ा होने के लिए तैयार था और यही इस क्षेत्र के मतदाता चाहते हैं। 
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हालांकि, शाह ने कहा है कि उम्मीदवार बनने के बाद वह डीसीसीसी के साथ काम करेंगे। उन्हें चुनाव जीतने के लिए पार्टी और उसके दानदाताओं के समर्थन की जरूरत होगी, क्योंकि यह मुकाबला मुश्किल माना जा रहा है। इस क्षेत्र में 2024 में ट्रंप को मामूली जीत मिली थी। वहीं, 2020 में पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने डेमोक्रेटिक पार्टी से यह क्षेत्र जीता था, जबकि श्वाइकर्ट दोबारा सांसद चुने गए थे।

 
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