अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातमी की मौत की खबरें तेजी से फैलीं, लेकिन ईरानी सरकार ने इन्हें पूरी तरह गलत बताया। अधिकारियों ने कहा कि हातमी सुरक्षित हैं और सेना की कमान संभाल रहे हैं। युद्ध के बीच गलत सूचनाओं और दावों ने तनाव बढ़ा दिया है। इस रिपोर्ट में अमीर हातमी के बारे में भी जानेंगे।
पश्चिम एशिया में अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बीच ईरान के सेना प्रमुख और रक्षा नेतृत्व से जुड़े बड़े दावे सामने आने लगे हैं। इसी बीच ईरान के रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातमी की मौत को लेकर सोशल मीडिया और कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया कि इस्राइली हमले में उनकी मौत हो गई। हालांकि ईरान ने इन दावों को तुरंत खारिज करते हुए बड़ा बयान जारी किया है।
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क्या था इस्राइल से जुड़ा दावा और कैसे फैली खबर?
अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमलों के बाद शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, फेसबुक और रेडिट पर तेजी से खबर फैलने लगी कि ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातमी मारे गए हैं। कई पोस्ट में दावा किया गया कि तेहरान में किए गए प्री-एम्प्टिव एयरस्ट्राइक के दौरान इस्राइल ने ईरान के शीर्ष सैन्य नेतृत्व को निशाना बनाया। कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में भी इस्राइली सूत्रों के हवाले से यही दावा सामने आया। इससे क्षेत्र में राजनीतिक और सैन्य हलचल तेज हो गई।
ईरान ने क्या दिया आधिकारिक जवाब?
इन दावों के बीच अमीर हातमी के कार्यालय ने स्पष्ट बयान जारी कर कहा कि ईरानी सेना प्रमुख पूरी तरह सुरक्षित हैं और सक्रिय रूप से सशस्त्र बलों की कमान संभाल रहे हैं। बयान में कहा गया कि उनकी मौत की खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि युद्ध जैसी स्थिति में गलत सूचना फैलाना भी रणनीतिक दबाव बनाने का हिस्सा होता है। सरकार ने लोगों से अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करने की अपील की।
अमीर हातमी कौन हैं? जानें उनका सैन्य सफर कैसा रहा
अमीर हातमी का जन्म 1966 में तेहरान में हुआ।
मात्र 14 वर्ष की उम्र में उन्होंने बसीज बल में शामिल होकर सैन्य जीवन शुरू किया।
1984 में ईरानी आर्मी ग्राउंड फोर्स में शामिल हुए और ईरान-इराक युद्ध में भाग लिया।
जून 2025 में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने उन्हें ईरान की सेना का कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया।
उन्होंने मेजर जनरल अब्दोलरहीम मौसवी की जगह पद संभाला था।
उन्हें सेना की लड़ाकू क्षमता बढ़ाने और सैन्य ढांचे में बड़े सुधार की जिम्मेदारी दी गई थी।
हमलों के बाद पश्चिम एशिया में कैसे बढ़ा तनाव?
अमीर हातमी को लेकर विवाद उस समय सामने आया जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर बड़े सैन्य हमले किए। तेहरान समेत कई शहरों में जोरदार धमाके हुए और इमारतों से धुआं उठता देखा गया। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यह अभियान ईरान से पैदा होने वाले खतरों को खत्म करने के लिए शुरू किया गया है। इसके जवाब में ईरान ने भी इस्राइल की ओर मिसाइलें दागीं, जिससे पूरे क्षेत्र में आपात स्थिति जैसे हालात बन गए।