यूक्रेन का शेर्नोबिल पिछले 36 साल से वीराना पड़ा है।
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यूक्रेन पर लगातार रूस की ओर से हमले का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में जहां नाटो गठबंधन में शामिल देशों ने रूस से लगती जमीनी और समुद्री सीमा पर फाइटर जेट और युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। वहीं, अमेरिका भी अपने सैनिकों को पूर्वी यूरोप में तैनात करने पर विचार कर रहा है। इस बीच यूक्रेन इस वक्त एक बेहद अहम बिंदू पर अपनी सेना तैनात कर रहा है। यह जगह है शेर्नोबिल, जहां 1986 में एक भयानक परमाणु दुर्घटना हुई थी और तबसे लेकर अब तक यह क्षेत्र पूरी तरह वीराना पड़ा है।
सोवियत संघ के टूटने के बाद शेर्नोबिल यूक्रेन के हिस्से में आया। एक परमाणु दुर्घटना का शिकार हुआ यह क्षेत्र पिछले करीब 36 सालों से खाली छोड़ दिया गया। हालांकि, अब यूक्रेन को डर है कि रूस अपनी सेना को इस जगह भेजकर जंग की शुरुआत कर सकता है। ऐसे में यूक्रेन ने भी अपनी सेना को भेजकर शेर्नोबिल को सुरक्षित करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। बताया गया है कि शेर्नोबिल को सुरक्षित करने के लिए यूक्रेनी सैनिक हथियारों और रेडिएशन का पता लगाने वाले उपकरण लेकर पहुंचे हैं, ताकि युद्ध की स्थिति में जवानों को किसी बड़े संकट से बचाया जा सके।
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां तैनात होने वाले सैनिकों को अपनी गर्दन पर एक डिवाइस पहनकर घूमना पड़ेगा, जो कि इलाके का रेडिएशन स्तर बताएगा। अगर कोई सैनिक किसी ज्यादा रेडिएशन वाले इलाके में घूमता है, तो यह उपकरण उसे अलर्ट कर देगा। इतना ही नहीं ज्यादा रेडिएशन के संपर्क में आने से जवानों की जान पर भी खतरा हो सकता है, इसलिए ऐसे जवानों को ड्यूटी से भी हटा दिया जाएगा।
कनाडा ने नागरिकों को दी सलाह- यूक्रेन यात्रा से बचें
कनाडा ने यूक्रेन और रूस के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए अपने नागरिकों को यूक्रेन जाने से बचने की सलाह दी है। कनाडा के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नागरिक बहुत जरूरी होने पर ही यूक्रेन की यात्रा करें। गौरतलब है कि सोमवार को ही अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन ने इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए यूक्रेन में अपने कुछ राजनयिकों और उनके परिवारों को वहां से निकलने की इजाजत दी थी। अन्य देश भी इस बात पर तैयार हैं कि अगर स्थिति और बिगड़ती है तो उन्होंने भी अपने लोगों को यूक्रेन छोड़ने की सलाह दी है।